बीमार कुत्ते से आपकी जान भी खतरे में

सावधान! इस मौसम में कुत्ते ग्रसित हो रहे हैं जानलेवा रोगों से , खुले घूम रहे बीमार आवारा कुत्ते, प्रशासन बेपरवा गोपालगंज : इस बरसात के मौसम में मच्छरों व गंदगी के चलते रोगों से ही नहीं, कुत्तों से भी सावधान रहे वरना जान खतरे में पड़ सकती है. कुत्तों में कई जानलेवा बीमारियां हो […]

सावधान! इस मौसम में कुत्ते ग्रसित हो रहे हैं जानलेवा रोगों से , खुले घूम रहे बीमार आवारा कुत्ते, प्रशासन बेपरवा

गोपालगंज : इस बरसात के मौसम में मच्छरों व गंदगी के चलते रोगों से ही नहीं, कुत्तों से भी सावधान रहे वरना जान खतरे में पड़ सकती है. कुत्तों में कई जानलेवा बीमारियां हो रही हैं जो सिर्फ उसके लिये ही नहीं , इंसान के लिये भी खतरनाक है.
अगर आप कुत्ते पालते हैं तो सावधान रहें और उसका इलाज कराये. कुत्ता नहीं पालते हैं तो भी बेफिक्र न रहे. लावारिस कुत्तों से बचकर रहें. प्रशासन की बेपरवाही से शहर में कई बीमार लावारिस कुत्ते घूम रहे हैं. अगर किसी रोगग्रस्त कुत्ते ने काट लिया तो जान पर बन आयेगी. दरअसल, नगर पर्षद और पशु चिकित्सा विभाग के ढ़ीले रवैये के कारण आज तक लावारिस कुत्तों का वैक्सीनेशन नहीं कराया गया है. मुख्य पशु चिकित्सक डॉ. एस रंजन ने बताया कि बरसात के मौसम में कुत्तों में इंफेक्शन फैलने का सबसे अधिक खतरा रहता है. इस दौरान 5-6 कुत्ते रोजाना अस्पताल में लाये जा रहे हैं.
रैबीज, मैगट्स, पारवों, कैनाइडिस्टेबर, लिप्रोस्पारोसिस नामक बीमारी तेजी से फैल रही है. कुत्तों के संपर्क में आने से ये बीमारियां इंसानों को भी अपना शिकार बना लेती हैं. सुअर व अन्य लावारिस पशुओं से भी संक्रमण का खतरा रहता है.
ये हैं बीमारी और मुश्किल
इन दिनों मैगट्स रोग कुत्तों में सबसे अधिक होता है. उनके शरीर में गहरे घाव हो जाते हैं और कीड़े पड़ने से उसका शरीर धीरे-धीरे खोखला हो जाता है.खून में कमी होने के साथ कुत्तों की मौत हो जाती है. इस मौसम में दूसरा भयंकर रोग पारवों है जिसमें उल्टी व दस्त की शिकायत होती है. समय पर इलाज नहीं होने पर मौत हो जाती है. कैनाइनडिस्टेंपर रोग भी तेजी से फैल रहता है जिसमें कुत्ता तेज बुखार संग शिथिल पड़ जाता है. रैबीज से अधिक खतरनाक रोग लिप्रोस्पोसिस है. इससे कुत्ते काटने के लिये दौड़ते हैं. इसके इंफेक्शन से पीड़ित का समय पर इलाज न होने पर मौत भी सकती है.
ऐसे फैलता है रोग
मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. जेजे शरण की माने तो लावारिस कुत्तों का वैक्सीनेशन नहीं होने से रोग एक से दूसरे कुत्ते में तेजी से फैलते हैं. पालतू कुत्तों के रखरखाव के साथ लावारिस कुत्तों पर नजर रखना जरूरी है. इस मौसम में बीमारी से ग्रसित कुत्ते आपस में झगड़ते हैं.
बचाव के लिए यह करें
लावारिस कुत्तों से दूरी बनाकर रखें
पालतू कुत्ते में कोई भी बीमारी महसूस करें तो तुरंत इलाज करायें
कुत्ते के काटने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
पालतू कुत्तों को भीगने से बचाना चाहिए
ये हैं लक्षण
कुत्ते के मुंह से टपकती लार, शरीर में पड़े कीड़े, बार-बार उल्टी दस्त होना, तेज बुखार

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