खजूरबानी शराबकांड में कोर्ट ने पुलिस से मांगा आपराधिक इतिहास

गोपालगंज : बहुचर्चित खजूरबानी शराबकांड के छह आरोपितों की जमानत याचिका पर मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई. कोर्ट ने पुलिस से सभी आरोपितों के अपराधिक इतिहास (क्रिमिनल हिस्ट्री) तथा केस डायरी तलब की है. पुलिस को केस डायरी और क्रिमिनल हिस्ट्री 24 सितंबर के पहले कोर्ट में सौंपने को […]

गोपालगंज : बहुचर्चित खजूरबानी शराबकांड के छह आरोपितों की जमानत याचिका पर मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई. कोर्ट ने पुलिस से सभी आरोपितों के अपराधिक इतिहास (क्रिमिनल हिस्ट्री) तथा केस डायरी तलब की है. पुलिस को केस डायरी और क्रिमिनल हिस्ट्री 24 सितंबर के पहले कोर्ट में सौंपने को कहा गया है.

अगली सुनवाई जमानत के बिंदु पर 24 सितंबर को होनी है. खजूरबानी शराबकांड के आरोपित छठु पासी, राजेश पासी, सनोज पासी, संजय पासी, मुन्ना पासी, रंजय पासी की जमानत याचिका को जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभारी राम प्रकाश की कोर्ट में नौ सितंबर को अधिवक्ता वेद प्रकाश तिवारी ने दाखिल किया था. इस मामले में मंगलवार को सुनवाई के दौरान पीपी देववंश गिरि तथा उत्पाद विभाग के विशेष लोक अभियोजक रवि भूषण श्रीवास्तव ने कोर्ट के समक्ष कहा कि इनके द्वारा बेची गयी जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गयी थी.

कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से इन लोगों का अपराधिक इतिहास और केस डायरी तलब की. जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता वेद प्रकाश तिवारी ने कोर्ट के समक्ष कहा कि बरामद शराब सड़क और खेतों से मिली. खेत आरोपितों का नहीं है. किसी भी गवाह को पुलिस ने स्थानीय नहीं बनाया है. मृतकों ने भी अपने बयान में इन आरोपितों का नाम नहीं लिया है. ध्यान रहे कि गत 15 अगस्त को शराब पीने से जिले में 21 लोगों की मौत हो गयी थी. जबकि कई लोगों की आंख की रोशनी चली गयी. इस मामले में सुनवाई के दौरान लोगों की नजर कोर्ट के फैसला पर टिकी हुई है.

पंडित और ग्रहण का नहीं मिला पुलिस को सुराग : खजूरबानी शराब कांड के मास्टर माइंड के रूप में उभरे पंडित और ग्रहण पासी का पुलिस को सुराग नहीं मिल पा रहा है. पुलिस की टीम पिछले 20 दिनों से इनकी तलाश में खाक छान कर थक चुकी है. पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें बनायी गयी थीं, जो खजूरबानी कांड के फरार अपरापितों की गिरफ्तारी करें. पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए मोबाइल के रडार से लेकर नेटवर्क तक को खंगाल चुकी है. लेकिन इनका कोई सुराग नहीं मिल रहा. सीवान के जामो बाजार थाने के जलालपुर के रहने वाले रूपेश शुक्ला उर्फ पंडित तथा खजुरबानी के इंदू देवी, रीता देवी तथा ग्रहण पासी का कोई सुराग नहीं मिल रहा. इनके पीछे खुफिया को भी लगाया गया. फिर भी कोई परिणाम सामने नहीं आ पाया है. पुलिस के वरीय अधिकारी भसी इस मामले में कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं.
जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कोर्ट में जमानत पर हुई सुनवाई

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