कटेया (गोपालगंज) : कटेया प्रखंड के शाम दास बगहीं गांव में अज्ञात बीमारी से 15 घंटे के अंदर एक मजदूर परिवार के दो बच्चों की मौत हो गयी. घटना से ग्रामीण डरे-सहमे हैं. वहीं, स्वास्थ्य महकमे की टीम मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गयी है.
शाम दास बगहीं निवासी सुशील भगत का परिवार मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता है. उसके परिवार के दो बच्चे सीता कुमारी (पांच वर्ष) और प्रमोद कुमार (छह वर्ष) की 15 घंटे के अंदर मौत हो गयी. इस संबंध में सुशील ने बताया कि 10 तारीख को लड़के प्रमोद को बुखार आ रहा था.
शाम होते-होते बुखार ज्यादा बढ़ने लगा, तो उसने स्थानीय एक डॉक्टर से बिना दिखाया. अगले दिन उसकी बेटी सीता को भी बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया. वहीं, प्रमोद की स्थिति बिगड़ने पर परिजन उसे भोरे स्थित एक निजी चिकित्सालय में ले गये, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया. लेकिन, आर्थिक स्थिति दयनीय होने के कारण वह गांव आया और पैसों की
अज्ञात बीमारी ने ली…
व्यवस्था कर रविवार की शाम को गोरखपुर के लिए रवाना हुआ, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया. अभी परिवार बेटे के मौत के गम से उबरा भी नहीं था कि तभी बेटी सीता की हालत बिगड़ने लगी. रात में ही उसे लेकर परिजन बगल के जनता बाजार में एक निजी डॉक्टर के पास गये, लेकिन उसकी स्थिति बिगड़ती चली गयी. वापस घर आकर सुबह का इंतजार कर रहे परिवार को दो दूसरा झटका लगा, जब सीता ने दम तोड़ दिया. इस घटना की सूचना सुबह जैसे ही क्षेत्रवासियों को लगी, लोग सुशील के घर पहुंच गये. जब इसकी सूचना प्रभात खबर ने कटेया रेफरल अस्पताल के प्रबंधक मनोज कुमार को दी, तो उन्होंने ने इसकी जानकारी नहीं होने की बात बताते हुए आनन-फानन में एक जांच टीम गठित कर सोमवार की शाम बगहीं भेजी. डॉ चंद्रशेखर वर्णवाल, डॉ राजेश कुमार, एएनएम संध्या समागार और बीता कुमारी के साथ पहुंचे. घंटों जानकारी लेने के बाद टीम ने सुशील के पूरे परिवार को जांच के लिए कटेया रेफरल अस्पताल बुलाया. फिलहाल बीमारी का खुलासा नहीं हो सका है. मेडिकल टीम अभी कुछ भी कहने से कतरा रही है.
जांच करती मेडिकल टीम.
