खजूरबानी शराबकांड . जेल में बंद शराब माफियाओं को भी नहीं तामील कराया गया नोटिस, अब 16 को पुन: डीएम करेंगे सुनवाई
खजूरबानी शराबकांड में पुलिस की तरफ से नोटिस तामील नहीं कराने के कारण सामूहिक जुर्माने के मामले में सुनवाई नहीं हो सकी.
गोपालगंज : खजूरबानी शराबकांड में लिप्त शराब कारोबारी एवं उनके संरक्षण देनेवालों पर सामूहिक जुर्माने के नोटिस को अब पुलिस उनके घरों में चिपकायेगी. नोटिस का तामील नहीं हो पाने की स्थिति में कानूनन उनके घर पर नोटिस चश्पां देने से नोटिस की तामील मान लिया जाता है. नोटिस नहीं लेने की स्थिति में भी अभियुक्त के घर पर नोटिस को सार्वजनिक रूप से चिपकाने का प्रावधान है. पुलिस इसकी तैयारी में जुट गयी है.
सूत्रों की मानें, तो पुलिस सामूहिक जुर्माने के नोटिस का तामील नहीं करा सकी थी. डीएम राहुल कुमार को मामले में अगली तिथि का निर्धारण करना पड़ा. अब इस मामले में 16 सितंबर को पुन: सुनवाई की तिथि रखी गयी है. इससे पूर्व पुलिस नोटिस के तामील की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है. बता दें कि सामूहिक जुर्माने के मामले में शराबकांड के मास्टरमाइंड नगीना चौधरी, लाल बाबू पासी, छठु पासी, राजेश पासी, सनोज चौधरी, रंजय चौधरी, संजय चौधरी तथा मुन्ना चौधरी चनावे स्थित मंडल कारा में बंद हैं. इनको जेल अधीक्षक के जरिये नोटिस तामील करना था.
जेल में बंद अभियुक्तों को भी नोटिस उपलब्ध नहीं कराया जा सका है, जबकि खजूरबानी के निवासी लालझरी देवी, कैलाशो देवी, रीता देवी, ग्रहण पासी, इंदू देवी, दरगाह के रहनेवाले जमाल साह, जीतु मियां, इरशाद मियां, हरखुआ के रहनेवाले माना देवी, मनोज रावत, सुनील महतो, सुनील यादव, राजेंद्र नगर बस स्टैंड के रहनेवाले प्रमोद कुमार मांझी, सीवान जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र के जलालपुर के रहनेवाले रूपेश शुक्ला उर्फ पंडित के खिलाफ नोटिस का तामील पुलिस को कराना है. नोटिस का तामील होने के साथ ही जुर्माने की राशि पर सुनवाई पूरी की जायेगी.
