होमियोपैथ के हड़ताली डॉक्टरों ने लिया अहम निर्णय

गोपालगंज : होमियोपैथ के क्लिनिक पर उत्पाद विभाग और औषधि नियंत्रक की छापेमारी से नाराज होमियोपैथ के डॉक्टर पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर हैं. डॉक्टर इस जांच को जलील करने की आरोप लगा रहे हैं. गायत्री मंदिर परिसर में जिले के होमियोपैथ डॉक्टरों की बैठक डॉ ललन प्रसाद सिन्हा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें […]

गोपालगंज : होमियोपैथ के क्लिनिक पर उत्पाद विभाग और औषधि नियंत्रक की छापेमारी से नाराज होमियोपैथ के डॉक्टर पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर हैं. डॉक्टर इस जांच को जलील करने की आरोप लगा रहे हैं. गायत्री मंदिर परिसर में जिले के होमियोपैथ डॉक्टरों की बैठक डॉ ललन प्रसाद सिन्हा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें खजूरबानी कांड के बाद होमियोपैथ चिकित्सा पद्धति को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों ने अपने आंदोलन की रणनीति तैयार की. डॉक्टरों ने कहा कि सरकार के पूर्व निर्णय में 100 एमएल की दवा रखने की जो प्रावधान है

उसे पलटते हुए मात्र 30 एमएल की दवा रखने की योजना बनायी जा रही है, जिससे डॉक्टर सशंकित और भ्रमित हैं. डॉक्टर कितनी मात्रा में दवा रखे या नहीं रखे इसके लिए डीएम को ज्ञापन देकर दिशा निर्देश की मांग की गयी है. डॉक्टर इस बात से आहत हैं कि खजूरबानी में थूजा-30 और जसटिसिया -30 दवा की बोतल बरामद की गयी,

जो फर्जी था. इसके बाद न सिर्फ थोक दवा दुकानों पर छापेमारी हुई, बल्कि डॉक्टरों के यहां भी उत्पाद विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने छापेमारी की, जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था. डॉक्टरों ने अपना आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया. बैठक में डॉ बीपी गुप्ता, डॉ केडी प्रसाद, डॉ आरपी सिंह, डॉ एचके देव, डॉ मनीष किशोर, डॉ एमके पांडेय एवं जिले के सभी प्रखंडों के होमियोपैथ चिकित्सक मौजूद थे.

गायत्री मंदिर में बैठक करते हड़ताली डॉक्टर.

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