पहले पति को अपनाया, तो दूसरे पति ने मारा चाकू

हालत गंभीर, सदर अस्पताल में कराया गया भरती बरौली थाने के कमालपुर गांव में हुई घटना से लोगों में दहशत आरोपित फरार, छापेमारी में जुटी थाने की पुलिस बरौली : सात जनम साथ रहने की कसम खाने के बाद पति जैसे ही रोजगार के लिए विदेश गया कि उसकी पत्नी ने भाग कर दूसरी शादी […]

हालत गंभीर, सदर अस्पताल में कराया गया भरती
बरौली थाने के कमालपुर गांव में हुई घटना से लोगों में दहशत
आरोपित फरार, छापेमारी में जुटी थाने की पुलिस
बरौली : सात जनम साथ रहने की कसम खाने के बाद पति जैसे ही रोजगार के लिए विदेश गया कि उसकी पत्नी ने भाग कर दूसरी शादी कर ली. विदेश से लौटने पर पति ने स्थिति की जानकारी लेकर उसने भी दूसरी शादी कर ली. पर कुछ महीनों बाद दूसरी पत्नी की मौत हो गयी.
इसके बाद फिर पहली पत्नी को पति ने अपना लिया. इसकी जानकारी महिला के दूसरे पति को जैसे ही मिली. वह उसके घर हत्या करने के लिए चाकू लेकर पहुंच गया. इतना ही नहीं घर में मौजूद महिला को चाकू घोंप कर घायल भी कर दिया. पीड़ित महिला को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल से सदर अस्पताल में भरती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बतायी गयी है. वारदात के बाद आरोपित गांव छोड़ कर फरार हो गया. पुलिस ने इस मामले को लेकर महिला का बयान दर्ज कर आरोपित की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है.
क्या है पूरा मामला : बरौली थाने के कमालपुर गांव के प्रभुनाथ साह की शादी सुगांती देवी के साथ हुई थी. शादी के बाद पत्नी ने भाग कर दूसरी शादी गांव के ही छोटेलाल साह के साथ कर ली. उधर, प्रभुनाथ साह ने भी दूसरी शादी कर ली. पर शादी के बाद दूसरी पत्नी की मौत हो गयी. इसके बाद सुगांती को प्रभुनाथ सिंह ने फिर अपना लिया, जिससे नाराज होकर सुगांती के दूसरे पति छोटे लाल साह ने चाकू घोंप कर घायल कर दिया.
पुलिस ने की कार्रवाई : सुगांती देवी ने सदर अस्पताल में ही पुलिस को बयान दिया. बरौली पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए छोटेलाल साह की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है.
थानाध्यक्ष राजदेव प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसके घर पर छापेमारी की, जहां से आरोपित फरार पाया गया. सगे-संबंधी और रिश्तेदारों के यहां पुलिस की टीम छापेमारी करने में जुटी है. पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डॉक्टर
होमियोपैथ के डॉक्टर से लेकर दुकानदार तक अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गये हैं, जिससे मरीजों की जान अब सांसत में पड़ गयी है. आठ दवा दुकानों पर कार्रवाई के खिलाफ अब जिले भर के डॉक्टर और होमियोपैथ के दुकानदार आंदोलन पर उतर आये हैं.
संवाददाता4 गोपालगंज
होमियोपैथ के डॉक्टर से लेकर दुकानदार तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये हैं, जिससे 30 हजार से अधिक गरीब मरीजों की जान सांसत में पड़ी हुई है. मरीज दवा के अभाव में शहर के होमियोपैथ के क्लिनिक से लेकर दुकान तक का चक्कर लगा रहे है. हड़ताल के कारण सबसे अधिक परेशान गरीब मरीज है या असाध्य रोग से पीड़ित मरीज परेशान हैं.
डॉक्टरों की हड़ताल कब खत्म होगी, फिलहाल कहना मुश्किल है. ध्यान रहे कि खजूरबानी में बनायी गयी शराब के पीने से 21 लोगों की मौत के बाद छापेमारी में बरामद होमियोपैथ दवा मिलते ही उत्पाद विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न होमियोपैथ के दुकानों पर छापेमारी की. इसके साथ ही सहायक औषधि नियंत्रक विजय कुमार गुप्ता के नेतृत्व में भी दवा के होल सेल दुकानों पर छापेमारी की गयी, जहां से बरामद की गयी दवा का कोई सुराग नहीं मिला. छापेमारी में कुछ कागजात नहीं मिलने पर उनकी दुकानों के लाइसेंस को एक माह के लिए निलंबित कर दिया गया. प्रशासन की कार्रवाई से नाराज जिले भर के डॉक्टर और दुकानदारों ने मिल कर हड़ताल की है. डॉ मनीष कुमार, तथा नागेंद्र दुबे की मानें तो खजूरबानी में बरामद थूजा-30 दवा से शराब नहीं बनायी जा सकती है.
उस बोतल में दूसरा केमिकल हो सकता है. खजूरबानी में बरामद की गयी दवा को लेकर जिले के थोकविक्रेताओं के यहां जो कार्रवाई की गयी है ,वह गलत है. जब तक प्रशासन कार्रवाई को वापस नहीं लेता है तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गयी है.
आज डॉक्टरों की होगी बैठक : हड़ताल पर आये डॉक्टरों की बैठक शनिवार को गायत्री मंदिर परिसर में बुलायी गयी है.
आंदोलन की रणनीति को तैयार करने तथा इसे धारदार बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है. अगले कदम पर निर्णय लेकर प्रशासन के अनुचित कार्रवाई एवं होमियोपैथ जगत को बदनाम करने की साजिश के खिलाफ अपनी रणनीति को तैयार करेंगे.
थूजा-30 को जहर के रूप में किया जा रहा प्रचारित : हड़ताल पर गये डॉक्टरों का आरोप है कि थूजा-30 की बरामद बोतल के लेवल का पता जांच में फर्जी पाया गया है. लेवल वाला पता फर्जी निकला है. लेकिन थूजा को प्रशासन ने जहर के रूप में प्रचारित किया है, जिससे होमियोपैथ बदनाम हो रहा है. जबकि थूजा-30 दवा 100 एमएल तक पीने से भी किसी की मौत नहीं हो सकती है. डॉक्टरों ने आग्रह किया है कि इस आंदोलन को मुकाम तक पहुंचाया जाये.

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