मीरगंज : वैसी जगहें जहां शहर के लोग कूड़ा-करकट, सड़ी-गली चीजें फेंकते हो, तो वहां बदबू व बीमारी स्वाभाविक है. ऐसी बदबूदार व संक्रमित जगहों पर कौन ठहरना चाहेगा. लेकिन, ऐसी ही जगहें अब शराब के धंधेबाजों के लिए सेफ जोन बनी हुई हैं. सूत्रों की मानें, तो ऐसी जगहों के कूड़े की ढेर में शराब की बोतलें छुपा कर रखी जा रही हैं.
सेटिंग के तहत ऐसी जगहों के आसपास ग्राहक आते हैं तथा उन्हें बोतल निकाल कर दे दी जाती है. पैसे का लेन-देन भी ऐसे ही होता है कि किसी को शक न हो. ग्राहक विक्रेता की जेब में धीरे से पैसा रखता है, तो विक्रेता ग्राहक की जेब में बोतल. सौदा निबटाते ही दोनों जगह बदल देते हैं.
कहना न होगा कि शराब को लेकर जैसे-जैसे प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है, वैसे-वैसे धंधेबाज भी बिक्री के नये-नये तरीके ढूंढते जा रहे हैं. घर-दुकान,खेत-खलिहान, बांस-बंसवारी, बाग-फुलवारी में शराब को लेकर प्रशासनिक धमक के चलते धंधेबाजों ने अब कूड़े पर पड़ाव डाल दिया है. हालांकि पुलिस ने भी ऐसे स्थानों पर निगाहबानी शुरू कर दी है.
