मांझा : बाढ़ की पीड़ा झेल रहे ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा. ज्योंही सीओ राजेश कुमार निमइया पहुंचे बाढ़पीड़ितों ने उन्हें घेर लिया. इनका कहना था कि प्रशासन राहत के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है तथा जले पर नमक छिड़क रहा है. आठ दिनों तक लोग त्रासदी को झेलते रहे. कोई पूछने तक नहीं आया. पशु से लेकर बच्चे तक भुख से तड़पते रहे. पानी में लोगो की हालत बिगड़ी हुई थी. उग्र ग्रामीणों के आगे प्रशासन के अधिकारी चुप्पी साधे हुए थे. लोग जब हंगामा कर अपनी पीड़ा सुना लिये तब अधिकारयों ने उनको समझा कर शांत कराया. अधिकारियों की पहल पर लोगों के बीच बाद में काफी प्रयास के बाद राहत सामग्री का वितरण शुरू हो सका. सीओ राजेश कुमार ने बताया कि निमुइया, गौसिया और पुरैना के एक हजार बाढ़पीड़ितों के बीच चूड़ा, मीठा, नमक, मोमबती और माचिस बांटी गयी.
बाढ़ राहत के लिए सीओ का घेराव
मांझा : बाढ़ की पीड़ा झेल रहे ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा. ज्योंही सीओ राजेश कुमार निमइया पहुंचे बाढ़पीड़ितों ने उन्हें घेर लिया. इनका कहना था कि प्रशासन राहत के नाम पर खानापूर्ति कर रहा है तथा जले पर नमक छिड़क रहा है. आठ दिनों तक लोग त्रासदी को झेलते रहे. कोई पूछने […]
