सफलता . पकड़े गये लुटेरों की कुंडली खंगालने में जुटी पुलिस
मांझा : पीपरा पुल के समीप लोगों ने जान की परवाह किये बिना दो लुटेरों को पकड़ कर बेरहमी से पीटा. पकड़े गये लुटेरे सारण के कई कांडों के मास्टरमाइंड निकले. उनकी कुंडली खंगालने में पुलिस की टीम लगी हुई है. हालांकि पुलिस की टीम फिलहाल कुछ भी बताने से परहेज करते हुए लुटेरों की पूरी जानकारी इकट्ठा करने में जुटी है. उधर, पुलिस सूत्रों ने बताया कि सारण जिले के तरैया थाने के सरेया बसंत गांव के रहनेवाले भगवान सिंह का बेटा अजय सिंह (33 वर्ष) कई कांडों में जेल जा चुका है.
इसके नक्सली कनेक्शन को भी खंगालने के लिए संबंधित थानों से संपर्क स्थापित करने में पुलिस जुटी है. पुलिस का मानना है कि अजय सिंह के साथ पकड़े गये बरौली थाने के पचरूखिया गांव के आदित्य तिवारी की दोस्ती भी जेल में हुई थी. जेल में दोनों की दोस्ती होने के बाद जेल से निकल कर एक साथ अपराध को अंजाम दे रहे थे.
मांझा पुलिस पकड़े गये लुटेरों का इलाज करा कर पूछताछ के बाद ही कुछ भी बताने की बात कह रही है. लुटेरों से पूछताछ के बाद कई सनसनीखेज खुलासा होने की उम्मीद पुलिस को है. अजय सिंह पर एक दर्जन से अधिक अापराधिक मामले बताये जा रहे हैं, जबकि आदित्य तिवारी के भी कुंडली पुलिस खंगालने मेंं जुटी है.
फरार पंकज पाल की तलाश जारी : पीपरा पुल के पास ग्रामीण और पुलिस से खुद को घिरा देख अपराधी घबरा गये. लेकिन, इस भीड़ को चकमा देकर सिधवलिया थाने के कुशहर गांव के रहनेवाले पंकज कुमार पाल उर्फ मुन्ना भागने में सफल रहा. उसकी पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके घर कुशहर में छापेमारी की. उसके सगे-संबंधी और रिश्तेदारों के यहां भी छापेमारी चल रही है. फिलहाल पंकज पाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.
नक्सली कनेक्शन भी खोज रही पुलिस
गोली फंसने से बच गयी जान
पीपरा पुल के पास लुटेरे जब चारों तरफ से ग्रामीणों के बीच घिर गये, तो अपनी जान बचाने के लिए ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी. संयोग था कि अपराधियों की पिस्तौल में गोली फंस गयी, जिससे कई लोगों की जानें बच गयीं. पुलिस ने लोडेड पिस्तौल को बरामद कर लिया है. हालांकि इस घटना में लोहिरा गांव के रहनेवाले जाहिद रहमान उर्फ टुन्ना तथा पीपरा गांव के रितेश कुमार उनकी गोली से घायल हो चुके हैं.
