क्रूरता . नि:शक्त बेटे के पढ़ने पर घर में बंद कर पीटते हैं मां-बाप
गोपालगंज : यह घटना रूह कंपा देनेवाली है. बात सोलह आना सच है. पहली बार किसी मां-बाप ने अपने बेटे के भविष्य के साथ क्रूरता दिखायी है. नेत्रहीन एवं नि:शक्त बेटे को स्कूल जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. स्कूल जाने पर घर के कमरे में बंद कर उसकी बेरहमी से पिटाई की जाती है. पीड़ित दिव्यांग गुरुवार को डीइओ अशोक कुमार के पास पहुंचा. उसने अपनी पीड़ा सुना कर सबको द्रवित कर दिया. डीइओ से दिव्यांग छात्र ने अपील की कि साहब मैं पढ़ना चाहता हूं.
मुझे पढ़ कर कुछ बनना है. दिव्यांग की बात सुन कर अधिकारियों के रोंगटे खड़े हो गये. यह मामला है बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के चमनपुरा गांव के रहनेवाले सुरेश प्रसाद के नि:शक्त पुत्र पंकज कुमार का. पंकज कुमार ने राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, सेखपुरा उर्दू गोरेयाकोटी सीवान से आठवीं की पढ़ाई पूरा करने के बाद नौवीं कक्षा में नामांकन के लिए उत्क्रमित हाइस्कूल, चमनपुरा में आवेदन दिया है. जब नामांकन कराने की सूचना मिली,
तो मां-बाप ने रूम में बंद कर उसकी पिटाई की. पढ़ने की जिद करने पर इतना पीटा की लहूलुहान हो गया. यहां तक कि भोजन भी नहीं दिया जा रहा है.
बोझा बन गयी है जिंदगी : नेत्रहीन छात्र की जिंदगी उनके परिजनों के लिए बोझ बन गयी है. परिजनों का कहना है कि पढ़-लिख कर क्या करेगा. घर का काम करेगा, तो सदस्यों का कुछ सहयोग होगा. पढ़ने से क्या मिलनेवाला है. पंकज ने कहा कि मैं क्या करूं समझ में नहीं आ रहा है.
डीइओ ने कल्याण विभाग से मांगा सहयोग : दिव्यांग छात्र की स्थिति की जानकारी होते ही डीइओ अशोक कुमार ने सर्व शिक्षा अभियान के पीओ मनोज कुमार को तत्काल इस संदर्भ में उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया. पीओ ने कल्याण विभाग से छात्र के सहयोग के लिए पत्र भेज कर इसकी पढ़ने की व्यवस्था कराने की आश्वासन दिया.
