आंदोलन . भूदान की जमीन की रक्षा के लिए सड़क पर उतरा माले
गोपालगंज : करप्शन के खिलाफ माले ने सड़क पर उतर कर एनएच – 28 को सासामुसा में जाम कर दिया. भूदान की जमीन पर परचा नहीं मिलने पर माले कार्यकर्ताओं ने आंदोलन की शुरुआत की. कुचायकोट के सीओ पर सरेआम रिश्वत का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा किया गया. हाइवे जाम किये जाने से हजारों वाहनों की कतार लग गयी. गोपालगंज से गोरखपुर आने-जाने वाली यात्री वाहन भी जाम के शिकार हो गये.
माले का आरोप था कि कुचायकोट थाने के सासामुसा में भूदान की जमीन पर 11 बासफोर परिवार को पर्चा मिल चुका है. शेष जमीन के पर्चे के लिए 18 लोग एक साल पहले आवेदन दे चुके हैं, मगर रिश्वत के लिए सीओ ने मामले को लटका रखा है. थानेदार डीएम की आदेश का हवाला देते हैं.
मथुरा की तरह घटना दुहराने की बात कह कर थानेदार चुप हो जाते हैं. गरीबों के आवेदन पर 144 तक नहीं लगाया गया. कहा जा रहा है कि ऊपर से दबाव है. माले नेताओं ने कहा कि विकास का ढोंग रचनेवाली सरकार गरीबों का दुश्मन है. जाम को हटाने में प्रशासन को घंटों मशक्कत करनी पड़ी.
मथुरा की घटना दुहराने की अधिकारी दे रहे धमकी
ढाई घंटे के बाद आश्वसन पर हटा जाम
ढाई घंटे के बाद स्थानीय अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद हाइवे से जाम हटाया जा सका. जाम का नेतृत्व विद्या सिंह कुशवाहा, रीना शर्मा, राम नरेश राम, सुबाष सिंह पटेल, विजयी सिंह, योगेंद्र शर्मा, कमलेश सिंह, बंका प्रसाद आदि कर रहे थे.
