लापरवाही . सदर अस्पताल में मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़
सदर अस्पताल में कर्मियों की लापरवाही मरीजों की जान पर भारी पड़ रही है. मरीज के शरीर पर पहली बार सदर अस्पताल में पंखा गिरने से अफरातफरी मची. किसी तरह मरीज की जान बची है. इस घटना के बाद भी अस्पताल प्रबंधन चेतने को तैयार नहीं है.
गोपालगंज : जिस अस्पताल में स्वस्थ होने के लिए भरती कराया गया, उस अस्पताल में चालू हालत में पंखा गिरने से मरीज गंभीर रूप से घायल हो गयी. उसकी स्थिति बिगड़ गयी है. सदर अस्पताल के वार्ड नं 13 में मानीकपुर गांव के रहनेवाले दीपक मिश्रा की मां पानमती देवी को गत बुधवार को पैर टूटने पर भरती कराया गया था. उसी दिन पंखे से आवाज आ रही थी. इसकी शिकायत परिजनों ने अस्पताल के जिम्मेवार लोगों से की थी.
किसी ने ध्यान नहीं दिया. इस बीच शनिवार की सुबह 8.30 बजे अचानक पंखा चलते हुए गिर गया, जिससे वार्ड में अन्य मरीज एवं उनके परिजन तो जान बचा कर भाग निकले, लेकिन लाचार पानमती देवी बेड से उठ भी नहीं सकती थी. वह गंभीर रूप से घायल हो गयी. पंखा गिरते ही अफरातफरी मच गयी. डॉ एसके झा ने वहां पहुंच कर स्थिति संभाल ली.
आनन-फानन में लगा नया पंखा
पिछले तीन दिनों से पंखे में आवाज आने की शिकायत की जा रही थी. लेकिन, अस्पताल के जिम्मेवार लोग सुनने को तैयार नहीं थे. जब पंखा गिरने से मरीज घायल हो गयी, तो आनन-फानन में वार्ड में चार नये पंखे लगे कर अपडेट कर दिया गया. वार्ड की साफ – सफाई भी कर दी गयी, ताकि कोई वरीय अधिकारी आये तो इस घटना की जानकारी उन्हें न हो.
इमरजेंसी का पंखा खराब
सदर अस्पताल में इजरजेंसी वार्ड में भी दो पंखे खराब हैं, तो महिला वार्ड में भी पंखा खराब है. इस भीषण गरमी में मरीज पसीने से तर-बतर हो रहे हैं, लेकिन अस्पताल के प्रबंधक और डीएस को मरीजों की पीड़ा से कोई लेना-देना नहीं है. अस्पताल के जिम्मेवार लोग संवेदनशून्य बन गये हैं, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ी हुई है.
क्या कहते हैं अधिकारी
अस्पताल के वार्ड में पंखा गिरने की जानकारी मुझे नहीं थी. अगर पंखे के गिरने से मरीज घायल हुआ है, तो पहले उनका बेहतर इलाज प्राथमिकता है. उसके साथ ही इसके लिए दोषी को चिह्नित कर कार्रवाई की जायेगी.
डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा, सीएस, गोपालगंज
