यूपी से लाकर थावे में बेचते थे शराब

गोपालगंज : शराबबंदी कानून लागू होने के बाद किसी ने कानून के भय से पीना छोड़ दिया, तो किसी ने जबरन पीने की हिमाकत की, तो वह जेल की हवा खा रहा है. मई माह में 37 शराबी जहां जेल भेजे गये, वहीं 495 लीटर शराब भी पकड़ी गयी. शराबबंदी कानून लागू होने के बाद […]

गोपालगंज : शराबबंदी कानून लागू होने के बाद किसी ने कानून के भय से पीना छोड़ दिया, तो किसी ने जबरन पीने की हिमाकत की, तो वह जेल की हवा खा रहा है. मई माह में 37 शराबी जहां जेल भेजे गये, वहीं 495 लीटर शराब भी पकड़ी गयी. शराबबंदी कानून लागू होने के बाद आयी सख्ती से भले ही अधिकांश शराबी पीना छोड़ छोड़ चुके हैं,

लेकिन अब भी इसके धंधेबाज धंधा करने से बाज नहीं आ रहे हैं. उत्पाद विभाग द्वारा मई में 112 छापेमारी की गयी, जिसमें पीने वाले से लेकर धंधेबाज तक पकड़े गये, जो सभी जेल की हवा खा रहे हैं. कानूनी सख्ती के बावजूद शराब का धंधा और पीने का शौक चल रहा है. उत्तरप्रदेश का सीमावर्ती इलाका, सारण तटबंध, शहर की कुछ जगह शराब मिलने का अड्डा बना हुआ है.

पीनेवालों की बातों पर यकीन की जाये तो इन क्षेत्रों के अलावा कई लाइन होटलों पर आराम से शराब मिल रहे हैं. फर्क यह है कि कीमत पहले से चारगुनी-पांचगुनी महंगी हो गयी है.
मई माह में की गयी कार्रवाई
कुल छापेमारी – 112
कुल गिरफ्तारी – 37
जेल भेजे गये – 37
ब्रेथ एनालाइजर से जांच – 26
विदेशी शराब -73.78 लीटर
देशी – 14.600 लीटर
चुलाई – 205.6 लीटर
बीयर – 1.5 लीटर
स्पिरिट – 200 लीटर
जावा महुआ – 15 सौ किग्रा
ताड़ी – 10 लीटर
बाइक – 6
क्या कहता है विभाग
शराबी और शराब के धंधेबाजों पर अंकुश लगाने के लिए रूटीन वे में छापेमारी की जाती है. उपलब्धि भी मिली है. छापेमारी और शराबियों को पकड़ने की मुहिम जारी रहेगी.
संजय चौधरी, उत्पाद निरीक्षक, गोपालगंज

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