होल्डिंग टैक्स . टैक्स की नहीं मिलती जानकारी, बड़े बकायेदारों तक सिमटी नोटिस भेजने की मुहिम
शहर में मकान बना कर रहनेवाले लोग परेशान हैं. उनको बिजली या टेलीफोन बिल की तरह प्रति माह नगर पर्षद होल्डिंग टैक्स का बिल नहीं भेजता है. इसके कारण लोग वर्षों तक होल्डिंग टैक्स नहीं जमा कर पा रहे हैं. टैक्स नहीं जमा होने से एक बार मोटी रकम देना मुश्किल होता है.
गोपालगंज : नगर पर्षद में होल्डिंग टैक्स की वसूली कैसे हो, एक सवाल बन कर रह गया है. नगर पर्षद ने होल्डरों को बकाया का नोटिस भेजने का प्रयास नहीं किया और न ही होल्डर अपने दायित्वों को पूरा कर पाये. ऐसे में राजस्व की वसूली टेढ़ी खीर बन कर रह गयी है. अगर कोई होल्डिंग टैक्स जमा करने नगर पर्षद चला भी गया, तो उसे पूरे दिन टहलना पड़ता है. यह पता नहीं चल पाता है कि कितने रुपये का होल्डिंग टैक्स बकाया है. कर्मी बड़ी मुश्किल से मिल भी जाते हैं, तो होल्डिंग टैक्स इतना अधिक बताया जाता है कि कोई भी व्यक्ति जमा करने का साहस नहीं कर पाता. बात तब मैनेज करने की होती है. ऐसे में नगर पर्षद को अपने ही लोग चुना लगा रहे हैं.
गौरतलब है कि नगर पर्षद में चार साल से होल्डिंग टैक्स की वसूली नहीं हो पायी है. 2.20 करोड़ से अधिक का बकाया होल्डरों के पास है. नगर पर्षद ने छोटे बकायेदारों को बकाया राशि की सही जानकारी देने की जहमत न उठायी. ऐसे में होल्डर जानकारी न होने का बहाना बता रहे हैं. शायद छोटे होल्डरों को भी बकाया की जानकारी दी गयी होती, तो होल्डिंग टैक्स वसूली का ग्राफ कुछ अधिक रहता.
काम न आयी गांधीगिरी
36 ऐसे बकायेदार हैं जिनके यहां एक लाख से अधिक का बकाया है. फरवरी में नगर पर्षद ने होल्डिंग टैक्स वसूली के लिए पहले बड़े बकायेदारों को नोटिस भेजा और फिर गांधीगिरी करते हुए एक सप्ताह तक बैंड बाजा लेकर टैक्स वसूलने दरवाजे दरवाजे गुहार लगाता रहा. इस मुहिम में मामूली वसूली हो पायी.
क्या कहते हैं अधिकारी
होल्डिंग टैक्स वसूली के लिए विशेष रणनीति बनायी जायेगी. पूर्व में सभी होल्डरों को बकाया की जानकारी दी गयी है. उनके लिए सुविधा है कि वे कार्यालय में पहुंच कर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. फिर भी जिन्हें बकाया रकम की जानकारी नहीं है वे आकर जानकारी ले सकते हैं.
राजीव रंजन प्रकाश, कार्यपालक पदाधिकारी, नप गोपालगंज
