पहले शराब, अब बिकती हैं दवाएं

शराब दुकान में खुली योग पतंजलि की दुकान शराबबंदी ने दिखाया रंग पियक्कड़ों के साथ जगह की भी बदलने लगी तसवीर गोपालगंज : बरौली बाजार के मेन रोड स्थित लकड़ी गोला के पास आज कोई दवा खरीद रहा है, तो कोई देशी मधु. कई ग्राहक अपने रोग की समस्या भी बता रहे हैं. यहां का […]

शराब दुकान में खुली योग पतंजलि की दुकान

शराबबंदी ने दिखाया रंग
पियक्कड़ों के साथ जगह की भी बदलने लगी तसवीर
गोपालगंज : बरौली बाजार के मेन रोड स्थित लकड़ी गोला के पास आज कोई दवा खरीद रहा है, तो कोई देशी मधु. कई ग्राहक अपने रोग की समस्या भी बता रहे हैं. यहां का नजारा बदला हुआ है. पूछने पर सहसा ही बगल के दुकानदार कह उठते हैं कि शराबबंदी ने इस जगह की तसवीर ही बदल दी. जी हां, एक माह पहले तक इस जगह की शाम मस्त होती थी. यहां पियक्कड़ों की महफिल सजती थी और इसी कमरे में बिकती थी अंगरेजी शराब.
यहां से कोई लड़खड़ाते हुए जाता था, तो किसी को परिजन उठा कर ले जाते थे. राज्य सरकार की पूर्ण शराबबंदी नीति से न सिर्फ शराब की दुकानें बंद हुईं और पियक्कड़ों की जमघट हटी, बल्कि कारोबारियों ने भी अपने नये कारोबार की तलाश शुरू कर दी. यह दुकान अब दवा की दुकान में तब्दील हो चुकी है. विक्रेता भी बदल चुका है. जो लोग यहां दर्द बटोरने आते थे, वही अब दवा खरीदने आ रहे हैं. जी हां, इस कमरे में अब शराब की जगह मनीष कुमार सिंह ने योग पतंजलि स्वदेशी केंद्र खोला है. पहले जहां सभ्य लोग आने से कतराते थे, अब शान से सभी पहुंच रहे हैं. ऐसे में लोगों में चर्चा है कि काश ऐसे ही सभी जगहों की तसवीर बदलती.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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