बेहोशी की हालत में पटना रेफर
गोपालगंज : पुलिस फ्रेंडली का दावा तार-तार होकर रह गया. मारपीट के मामूली विवाद में खाकी के कहर का शिकार किशोर मौत से जूझ रहा है. उसकी हालत गंभीर होने पर पीएमसीएच रेफर किया गया. इस घटना ने खाकी को शर्मसार कर दिया है. सिधवलिया थाने के लॉकअप में बंद कर किशोर की बेरहमी से पिटाई की गयी. थर्ड डिग्री से किशोर बेहोश हो गया, तो उसे आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सिधवलिया थाने के बलीछापर गांव के सुदर्शन यादव का बेटा मोतीचंद (16 वर्ष) से सोमवार की सुबह गांव के ही कुछ युवकों के साथ झड़प हुआ था. थाने में दोनों पक्षों के लोगों को बुलाया गया. थाना परिसर में कुछ लोगों की पहल पर बीच-बचाव कर मामले को खत्म करा दिया गया. इस बीच थानाध्यक्ष ने मोतीचंद को लॉकअप में बंद कर दिया. परिजनों का आरोप है कि लॉकअप में थर्ड डिग्री का प्रयोग किया गया, जिसके कारण शाम तीन बजे उसकी हालत बिगड़ गयी.
लॉकअप में बेरहमी से उसकी हुई पिटाई के कारण वह बेहोश हो गया. बाद में पुलिस उसे सिधवलिया अस्पताल इलाज के लिए भेजा, जहां से तत्काल सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. सदर अस्पताल में डॉक्टर मिथिलेश ने इलाज किया. वह पूरी तरह से अचेत था. उसकी स्थिति गंभीर देखते हुए पीएमसीएच रेफर किया गया.
रात के 12 बजे तक मोतीचंद के परिजनों के पास पैसा नहीं था कि एंबुलेंस का भाड़ा देकर पीएमसीएच जा सके. बाद में एसडीपीओ मनोज कुमार को घटना की जानकारी दी गयी. डॉक्टर से एसडीपीओ ने बात की.
तत्काल नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर विमल कुमार पहुंचे. सिविल सर्जन से बात कर एंबुलेंस की व्यवस्था की गयी. परिजनों को चार हजार रुपये देकर पटना भेजा गया. अस्पताल में परिजनों ने पुलिस इंस्पेक्टर के समक्ष थानेदार के द्वारा हाजत में पीटे जाने की शिकायत की.
इस पर इंस्पेक्टर ने उन्हें किशोर का इलाज कराने तथा गलत करनेवाले पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया. एसडीपीओ मनोज कुमार ने इस संदर्भ में बताया कि किशोर के शरीर पर चोट का निशान नहीं है. अंदरूनी चोट की जांच की जा रही है.
