विभाग के सर्वे में आयी चौंकाने वाली बात
सिधवलिया सबसे छोटा, लेकिन पियक्कड़ सबसे अधिक
गोपालगंज : अंगूर की बेटी (शराब) के मोहपाशा में जिले के 3260 लोग फंसे हैं. नशामुक्त बिहार बनाने के लिए कराये गये सर्वे में ये आंकड़े सामने आये हैं. जिले में बैकुंठपुर ऐसा प्रखंड है, जहां सबसे ज्यादा महिलाएं शराब पीती हैं. वहीं, सबसे ज्यादा पुरुष हथुआ में शराब के आदी हैं. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के निर्देश पर जिले में आशा के जरिये हाल में यह सर्वे कराया गया. हथुआ में 469 लोग नशे की आदी हैं, तो सबसे कम भोरे में महज 90 लोग शराब के आदी हैं.
इनके इलाज के लिए एम्स के डॉक्टर सदर अस्पताल में आकर डॉक्टरों को इलाज की ट्रेनिंग दे चुके हैं. सिविल सर्जन डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा ने बताया कि सदर अस्पताल में नशामुक्ति केंद्र बना कर इलाज शुरू करा दिया गया है.
प्रखंड में पियक्कड़ों की स्थिति
विभागों के द्वारा सर्वेक्षण कराये गये आंकड़े के अनुसार जिले के विभिन्न प्रखंडों में क्रमश: पंचदेवरी में 131, फुलविरया में 112, बैकुंठपुर में 351, मांझा में 178, उचकागांव में 229, थावे में 119, विजयीपुर में 352, भोरे में 90, हथुआ में 469, सिधवलिया में 428, गोपालगंज में 147, कुचायकेाट में 286, कटेया में 265 और बरौली में 236 सहित कुल 3620 वैसे शराबी हैं, जिन्हे शराब छोड़ने से शरीर के अंदर कई लक्षण प्रकट हो सकते हैैं.
