बेहतर. सदर अस्पताल में खुला नशामुक्ति केंद्र, िजलािधकारी ने किया उद्घाटन
नशा सारे बुराइयों की जड़ है. इसको लेकर सरकार ने एक अप्रैल से शराबबंदी का भी ऐलान कर रखा है, ताकि नशे की लत के कारण तबाह हो रहे घर-परिवार को बचाया जा सके.
गोपालगंज : शराब से मुक्ति के लिए सरकार के निर्णय के अनुरूप सदर अस्पताल में बने नशामुक्ति केंद्र का विधिवत मंगलवार को डीएम ने फीता काट कर उद्घाटन किया. डीएम ने बताया कि बिहार सरकार के स्पेशल प्रोजेक्ट के तहत सदर अस्पताल में नशामुक्ति केंद्र बनाया गया है. नशामुक्ति केंद्र में आधुनिकतम सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं, ताकि नशे की लत से लोगों को मुक्ति दिलायी जा सके.
वैसे लोगों को चिह्नित किया गया है, जो बिना नशा के नहीं रह सकते. ऐसे लोगों को नशामुक्ति केंद्र में लाकर भरती कराया जायेगा. सीएस डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस केंद्र में स्पेशल ओपीडी की व्यवस्था की गयी है, जिसमें दो डॉक्टर नियमित रूप से बैठेंगे. मौके पर एसीएमओ डॉ विंदेश्वरी शर्मा, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ पीसी प्रभात, डीपीएम अरविंद कुमार, डीएएम साकेत कुमार सिन्हा, अस्पताल प्रबंधक खुशबू कुमारी, डीडीए निकहत प्रवीन, डॉ आरके सिंह, नशामुक्ति केंद्र में प्रभारी डॉक्टर एसपी राय, डॉ इम्तेयाज अहमद, एएनएम कलावती, रंजना कुमारी, मीना कुमारी, फार्मासिस्ट विजेंद्र प्रसाद आदि उपस्थित थे. नशामुक्ति केंद्र में भरती नशेड़ियों का ध्यान एकत्रित रखने के लिए टीवी के अलावा मनोरंजन के अन्य व्यवस्था किये गये हैं. पीने के पाने के लिए आरओ की व्यवस्था की गयी है. नशेड़ियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. नशामुक्ति केंद्र नशा करनेवाले मरीजों की काउंसेलिंग की व्यवस्था की गयी है.
दवा से भी नशा नहीं छूटने की स्थिति में उन्हें भरती कर हर हाल में नशामुक्त किया जायेगा. सीएस ने बताया कि सदर अस्पताल कैंपस में नशामुक्ति केंद्र का अस्थायी शुरुआत कर दी गयी है. हालांकि कैंपस में ही 40 बेडवाला नशामुक्ति केंद्र तैयार किया जायेगा. इसके लिए जमीन के अलावा अन्य तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.
