कातिल सड़कों पर नाच रही मौत

कातिल सड़कों पर नाच रही मौत खामोशी के साथ बीत गया सड़क सुरक्षा सप्ताहपरिवहन नियमों की नहीं दी जा सकी जानकारीविभाग के अधिकारी नियमों के प्रति नहीं दिखे गंभीरफोटो – 4 – शहर के अति व्यस्ततम डाकघर चौक पर ऑटोफोटो – 5 – भोपतापुर में हाइवे पर सड़क हादसे के बाद ट्रक को घेरे लोगकातिल […]

कातिल सड़कों पर नाच रही मौत खामोशी के साथ बीत गया सड़क सुरक्षा सप्ताहपरिवहन नियमों की नहीं दी जा सकी जानकारीविभाग के अधिकारी नियमों के प्रति नहीं दिखे गंभीरफोटो – 4 – शहर के अति व्यस्ततम डाकघर चौक पर ऑटोफोटो – 5 – भोपतापुर में हाइवे पर सड़क हादसे के बाद ट्रक को घेरे लोगकातिल सड़कों पर नाच रही मौत आपकी लापरवाही के इंतजार में है. छोटी -छोटी भूल और मामूली चूक के चलते हर पांच घंटे में कहीं-न-कहीं सड़क हादसे हो रहे हैं. हर दूसरे दिन कहीं-न-कहीं सड़क हादसे में मौत हो रहे है, जबकि रोजाना करीब दो लोग जख्मी होकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं. इसी वजह से सुबह कामकाज के सिलसिले में निकले लोगों के शाम तक सकुशल घर न लौटने पर परिवारवालों का चिंता में रहना लाजिमी है.संवाददाता, गोपालगंज हाइवे हो या शहर की सड़क यहां छोटी-सी चूक में सांस टूट रही है. परिवहन विभाग की तरफ से सड़क सुरक्षा सप्ताह का समापन शनिवार को खामोशी के साथ हो गया. कहीं भी सड़क सुरक्षा सप्ताह का असर नहीं दिखा. न तो हेलमेट के लिए कोई विशेष अभियान चला और न ही नियमों की जानकारी के लिए विभाग ने ठोस कदम उठाया. बीते तीन साल की बात करें, तो जिले में छोटी-बड़ी करीब पांच हजार सड़क दुर्घटनाएं हुईं. इसमें कई तो पुलिस के रिकाॅर्ड में दर्ज भी नहीं हुई. इन हादसों में करीब 562 लोगों की जानें चली गयीं, जबकि डेढ़ हजार से अधिक लोग गंभीर और मामूली रूप से घायल हुए. इनमें सर्वाधिक हादसे दोपहिया वाहनों से हुए, जबकि बड़े और भारी वाहन हादसों की वजह बनें. घने कुहरे भी सड़क दुर्घटनाओं की मुख्य वजह हैं. जिले में फोरलेन पर कुहरे के चलते कई हादसे हो चुके हैं. कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए थे. एक नजर में तीन वर्ष की घटनाएंवर्ष हादसे मौत घायल2013 2286 152 4012014 2012 139 5252015 1872 130 432 दोपहिया वाहन हादसा – 348भारी वाहन से हादसा – 44चरपहिया मोटर वाहन – 137ये हैं डेथ प्वाइंट- एनएच-28 के बाॅर्डर बथना कुटी से भठवा मोड़ तक- सासामुसा एनएच-28 से दाहा नदी के पुल तक- चैनपट्टी से बंजारी तथा अरार चौक- एनएच-28 से कोइनी से सोनवर्षा तक- महम्मदपुर की डुमरिया गंडक नदी के पुल तक- एनएच-101 पर बाला पुल के पास – स्टेट हाइवे महम्मदपुर- लखनपुर पथ पर पकड़ी मोड़, भैसा मोड़, गदहिया मोड़- एनएच-85 पर तुरकहां नहर से रेलवे ढाला तक- एनएच-85 पर वृंदावन से ईंटवा पुल तक-मीरगंज भोरे स्टेट हाइवे पर मिश्र बतरहां से हुस्सेपुर तकयात्रा के दौरान इनका रखे ख्यालनशे की हालत में वाहन न चलाएंवाहन निर्धारित गति में चलाएंयातायात संकेतक का पालन करें.मोड़ पर हाॅर्न जरूर बजाएंराम में डिपर का प्रयोग करेंनंबर प्लेट साफ एवं स्पष्ट होबच्चे गियर वाली गाड़ी न चलाएंचकाचौंध वाली लाइटें वर्जित हैंआधा हेडलाइट काली हो.वाहन पर चमकीला रिफ्लेक्टर होहादसों पर कोई गंभीरता नहींसड़क हादसों के लिए जिम्मेवार तत्वों को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है. टूटी और क्षतिग्रस्त सड़कों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने के बजाय उसे सामान्य प्रक्रिया के तहत ही ठीक कराया जाता है. हादसों के लिए किसी की जिम्मेवारी तय न होने के चलते भी प्रशासनिक अमला इसको लेकर लापरवाह बना रहता है.क्या कहते हैं अधिकारीसड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत लोगों को परिवहन नियमों की जानकारी दी गयी है. इसके अलावा अलग से अभियान चला कर नियम का पालन नहीं करनेवालों पर जुर्माना एवं वाहनों का चालान जैसी कार्रवाई की जायेगी. दिवाकर झा, डीटीओ, गोपालगंज

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