सावधान! सेहत पर भारी सर्दी में गरमी की घुसपैठ

गोपालगंज : दिन का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर. इतना तापमान अमूमन, फरवरी के आखिर में और कभी-कभी मार्च की शुरुआत में होता है. मगर, जनवरी की धूप में इतनी ज्यादा गरमाहट. रात का न्यूनतम तापमान भी नौ डिग्री सेल्सियस से ऊपर. यह भी वापस जाती हुई सर्दी में ही होता है. […]

गोपालगंज : दिन का अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर. इतना तापमान अमूमन, फरवरी के आखिर में और कभी-कभी मार्च की शुरुआत में होता है. मगर, जनवरी की धूप में इतनी ज्यादा गरमाहट. रात का न्यूनतम तापमान भी नौ डिग्री सेल्सियस से ऊपर. यह भी वापस जाती हुई सर्दी में ही होता है.

तापमान के नजरिये से जनवरी जैसा मौसम कतई नहीं. वह जनवरी की शुरुआत से ऐसा ही चल रहा है. नये साल के दस्तक से पहले ही मौसम में गरमाहट घुल गयी. यह मौसम सेहत को मुश्किल में डालने लगा है. फिजिशियन डॉ आरसी अग्रवाल ने बताया कि सर्दी काफी कम होने और तापमान बढ़ने से वायरस सक्रिय हो उठे हैं. वायरसों की सक्रियता सामान्य तौर पर मौसम में बसंत की आहट के साथ शुरू होती है. इसी के नतीजे में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ने लगा है.

दिन और रात के तापमान में अंतर के कारण खांसी, जुकाम की समस्याएं भी बढ़ी हैं. ठंड कम होने से इस बार दिल और हाइ ब्लड प्रेशर की शिकायत कम रही है. मौसम ज्यादा ठंडा नहीं होने से सभी लोग मॉर्निंग वॉक कर सकते हैं.

गरमी और ज्यादा ठंड दोनों खतरनाक : जिला अस्पताल में आयुर्वेद चिकित्सक डॉ बलराज सिंह ने बताया कि इस समय शिशिर ऋतु चल रहा है. आयुर्वेद के नजरिये से इस मौसम में पाचन शक्ति प्रबल होती है. अत्यधिक गरम तासीर वाली चीजें अच्छी मात्रा में खायी जा सकती हैं, लेकिन शिशिर ऋतु के स्वभाव के विपरीत मौसम में ज्यादा ठंड नहीं होने से गरम और भारी चीजें ज्यादा नहीं खाएं तो अच्छा है. मौसम में गरमी मान कर गरम कपड़े नहीं पहनना और ठंडे पानी, जूस, आइसक्रीम आदि खाना महंगा पड़ सकता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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