मीरगंज : यूपी के तरेया सुजान पुलिस के हत्थे चढ़ी. विवाहिता मुस्कान (काल्पनिक नाम) के बयानों से मीरगंज के युवा मीरगंज व्यवसायी अमर केसरी हत्याकांड का राज परत दर परत खुलने लगा है. नाटकीय ढंग से गिरफ्तार की गयी मुस्कान के बयान से स्पष्ट हो गया है कि अमर की हत्या मुस्कान से बढ़ती करीबी से परेशान उसके आशिकों के साजिश का नतीजा है.
हत्या कांड में मुस्कान के साथ हिरासत में लिये गये मीरगंज के मोहन ने स्वीकारोक्ति बयान में हत्या कांड की सारी जिम्मेवारी अपने ऊपर ली है तथा हत्या कांड का मकसद लूटपाट बताया है, पर पुलिस को आशंका है कि इस हत्या कांड में मीरगंज के दर्जन भर युवा शामिल हैं, जो सभी मुस्कान के आशिक थे.
हालांकि अमर हत्या कांड का पुलिस ने अभी तक अाधिकारिक खुलासा नहीं किया है, पर एक बात स्पष्ट है कि हत्या करनेवाले जगह पर कम से कम चार युवकों के साथ मुस्कान भी शामिल थी. अपने साथियाें का नाम अब तक न खोलने से पुलिस पशोपेश में है कि आखिर इसके पीछे क्या साजिश है. मामले में यह भी खुलासा हुआ है कि पहले ही तीन शादियां कर चुकी मुस्कान चौथी शादी मोहन से कर ली थी तथा अपना ठिकाना मीरगंज से बदल कर गोपालगंज कर लिया था.
लुटे गये आभूषण का हुआ सत्यापन
मृतक अमर केसरी के सोने का ब्रासलेट तथा चैन भी मुस्कान के पास से बरामद हो गया है. उक्त आभूषण को लेकर तरेया सुजान पुलिस मीरगंज के एक स्वर्ण व्यवसायी के दुकान पर पहुंची तथा मामले में उससे घंटों पूछताछ की, जिसमें यह स्पष्ट हो गया कि उक्त आभूषण मृतक का ही है, जिसे हत्यारों ने मुस्कान को उपहार स्वरूप दे दिया था. हालांकि इस संबंध में तरेया सुजान के एसएचओ सुजीत राय कुछ भी कहने से इंकार कर दिया कि इससे जांच पर असर पड़ सकता है.
