बैकुंठपुर : गम्हारी से सुदर्शन राम को एसटीएफ की टीम संदिग्ध नक्सली होने आरोप में हिरासत में लेकर चली गयी. एसटीएफ की टीम सादे वेश में थी. ग्रामीण समझ नहीं पाये. ग्रामीणों ने सुदर्शन राम को मुक्त कराने के लिए बैकुंठपुर थाने का घेराव कर दिया. गांव की महिलाओं और अन्य ग्रामीणों को यकीन नहीं हो रहा था कि सुदर्शन राम नक्सली हो सकता है. महिलाओं के उग्र रूप के आगे पुलिस खुद को लाचार बन गयी. स्थिति विस्फोटक होने लगी.
सुदर्शन की गिरफ्तारी का विरोध
बैकुंठपुर : गम्हारी से सुदर्शन राम को एसटीएफ की टीम संदिग्ध नक्सली होने आरोप में हिरासत में लेकर चली गयी. एसटीएफ की टीम सादे वेश में थी. ग्रामीण समझ नहीं पाये. ग्रामीणों ने सुदर्शन राम को मुक्त कराने के लिए बैकुंठपुर थाने का घेराव कर दिया. गांव की महिलाओं और अन्य ग्रामीणों को यकीन नहीं […]

महिलाओं के हंगामे की खबर मिलते ही गोपालगंज से एसडीपीओ मनोज कुमार, बरौली, सिधवलिया और महम्मदपुर के थानाध्यक्ष पहुंचे. पुलिस अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद महिलाओं को शांत कराया. देर शाम तक थाने पर सदर अनुमंडल के इंस्पेक्टर केके मांझी और तीन थानाध्यक्ष स्थिति को नियंत्रण करने में लगे रहे.
सदर एसडीपीओ मनोज कुमार ने बताया कि छपरा में पुल निर्माण कंपनी पर पिछले दिनों हुए नक्सली हमले को लेकर एसटीएफ की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ छापेमारी की.
इस दौरान सिंहासनी गांव से प्रदुमन गिरि, गम्हारी गांव से सुदर्शन राम और सीवान के नबीगंज के उजेना गांव से खुशबू खातून को गिरफ्तार किया गया. खुशबू सारण के मकेर में नक्सलियों की महिला एरिया कमांडर के तौर पर काम कर रही थी.
एसडीपीओ ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद तीनों को एसटीएफ छपरा लेकर चली गयी. कार्रवाई के बाद से इलाके में पुलिस को अलर्ट किया गया है.