गोपालगंज : सरकार राशन के बदले कीमत देने की योजना लागू करने पर विचार कर रही है. इससे राशन की कालाबाजारी बंद हो जायेगी. साथ ही क्वालिटी में सुधार होगा. उपभोक्ता मनपसंद दुकान से खाद्यान्न खरीद पायेंगे. केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. इस संबंध में प्रदेश के मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और जिला आपूर्ति अधिकारियों को आदेश दिया है. अनुदान राशि सीधे खाते में भेजने और फर्जी राशन कार्डों को समाप्त करने के लिए आधार कार्ड को राशन कार्ड से जोड़ने के लिए कहा गया है.
जिस उपभोक्ता का राशन कार्ड आधार कार्ड से जुड़ जायेगा, उसके आधार कार्ड को बैंक खाते से जोड़ने की कार्रवाई करें. सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद भी वास्तविक लोगों तक खाद्यान्न नहीं पहुंच पायेगा. उसके बाद भी गरीबों को पेट भर खाद्यान्न नहीं मिल पायेगा. इसके अलावा फर्जी राशन कार्ड बना कर खाद्यान्न की कालाबाजारी रोकना कठिन है. सरकार रसोई गैस के तर्ज पर अनुदान राशि सीधे खाते में भेजेगी,
जिससे फर्जी राशन कार्ड बनाना बंद हो जायेगा और शत-प्रतिशत लोगों को खाद्यान्न मिलेगा. राशन दुकानों पर खाद्यान्न बाजार मूल्य पर मिलेगा, खाद्यान्न उठाते ही अनुदान राशि सीधे खाते में पहुंच जायेगी. बाजार मूल्य पर खाद्यान्न मिलने के साथ ही उसकी क्वालिटी में सुधार होगा. उपभोक्ता भी अपनी मनपसंद दुकान से खाद्यान्न खरीद सकेंगे. दुकानदार जितने राशन की बिक्री करेगा, उसी के आधार पर उसे कमीशन मिलेगा. जिला आपूर्ति अधिकारी कृष्ण मोहन प्रसाद के अनुसार मुख्य सचिव का आदेश है कि राशन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ा जाये. आदेश के बाद राशन दुकानदारों के माध्यम से राशन कार्ड धारकों से आधार कार्ड मंगाया जायेगा. राशन कार्ड और आधार कार्ड जुड़ जाने के बाद खाद्यान्न की अनुदान राशि सीधे उपभोक्ताओं के खाते में भेजने की योजना है.
