गोपालगंज : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चल रहा गतिरोध आरक्षण रोस्टर के निर्धारण के साथ ही समाप्त हो गया है. 23 नवंबर से पंचायत चुनाव को लेकर वार्डवार मतदाता सूची विखंडन का काम चल रहा था. मतदाता सूची विखंडन के साथ ही पंचायत चुनाव की सरगरमी तेज हो गयी. पंचायत चुनाव में प्रत्याशी बननेवाले पदों के आरक्षण रोस्टर को लेकर काफी बेताब हो गये. वे हर स्तर पर आरक्षण रोस्टर की जानकारी लेने में जुट गये हैं.
कभी प्रखंड मुख्यालय तो कभी पंचायत सचिव तो कभी जीपीएस एवं कभी जिला मुख्यालय का दौड़ लगा रहे हैं. इस बीच 29 दिसंबर तक सभी प्रखंडों से आरक्षण रोस्टर की मांग की गयी थी. किसी भी प्रखंड से आरक्षण रोस्टर नहीं मिलने की स्थिति में जिला मुख्यालय में कैंप का आयोजन कर आरक्षण रोस्टर का प्रस्ताव तैयार किया गया.
पंचायत चुनाव का आरक्षण रोस्टर तैयार किये जाने के साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों की बेचैनी और बढ़ गयी है. इधर, जिला प्रशासन के द्वारा पंचायत चुनाव के लिए तैयार आरक्षण रोस्टर प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्य निर्वाचन आयोग बिहार पटना को भेजा गया है. तैयार आरक्षण प्रस्ताव पर आयोग की मुहर लगने के साथ ही आरक्षण रोस्टर प्रभावी माना जायेगा.
