वत्तिीय प्रबंधन और स्रोतों पर नजर बनाये रखने की जरूरत

वित्तीय प्रबंधन और स्रोतों पर नजर बनाये रखने की जरूरतपटना. मौजूद वित्तीय वर्ष 2015-16 समाप्त होने में तीन महीने ही बचे हैं. ऐसे में राज्य के वित्तीय प्रबंधन और आय के स्रोतों पर नजर बनाये रखने की जरूरत है. खजाने में पैसे की कमी नहीं हो इसकी मॉनीटरिंग विभागीय स्तर पर जोर-शोर से जारी है. […]

वित्तीय प्रबंधन और स्रोतों पर नजर बनाये रखने की जरूरतपटना. मौजूद वित्तीय वर्ष 2015-16 समाप्त होने में तीन महीने ही बचे हैं. ऐसे में राज्य के वित्तीय प्रबंधन और आय के स्रोतों पर नजर बनाये रखने की जरूरत है. खजाने में पैसे की कमी नहीं हो इसकी मॉनीटरिंग विभागीय स्तर पर जोर-शोर से जारी है. गुरुवार को विभागीय मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने विभागीय समीक्षा बैठक की. यह बैठक मुख्य रूप से सीएम के समक्ष शनिवार को होने वाली वित्त विभाग की समीक्षा बैठक के पूर्व समीक्षा थी. इस बैठक में मौजूदा बजट के साथ-साथ योजना आकार की वस्तविक स्थिति का आकलन किया गया. इस दौरान यह बात सामने आयी कि 57 हजार के योजना आकार में अभी तक 29 हजार करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च हो चुके हैं. आधा से थोड़ा ज्यादा रुपये खर्च हो चुके हैं. एेसे में तीन महीने में बचे हुए रुपये को खर्च करने की चुनौती सभी विभागों के सामने है. केंद्र से प्राप्त होने वाले ग्रांट में अब तक 11 हजार 700 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं. इस वित्तीय वर्ष में केंद्र से 18 हजार करोड़ रुपये मिलने का अनुमान हैं, जिसमें करीब 6 हजार करोड़ रुपये अभी आना शेष है. इस दौरान विभागीय सचिव रवि मित्तल, जयंत कुमार सिंह, तिलक राज गौरी, संजीव मित्तल समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे.

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