निजी आइटीआइ पर कसेगी नकेल

निजी आइटीआइ पर कसेगी नकेलश्रम संसाधन विभाग करेगा जांचसंवाददाता पटना. निजी आइटीआइ की मननानी के दिन अब गए. ये न तो अब मनमाना फीस वसूल पाएंगे और न ही कागज पर चला सकेंगे. इन्हें अब इसके लिए निर्धारित मापदंडों के पूरा करना होगा. श्रम संसाधन विभाग को इसकी जांच का जिम्मा मिल गया है. विभाग […]

निजी आइटीआइ पर कसेगी नकेलश्रम संसाधन विभाग करेगा जांचसंवाददाता पटना. निजी आइटीआइ की मननानी के दिन अब गए. ये न तो अब मनमाना फीस वसूल पाएंगे और न ही कागज पर चला सकेंगे. इन्हें अब इसके लिए निर्धारित मापदंडों के पूरा करना होगा. श्रम संसाधन विभाग को इसकी जांच का जिम्मा मिल गया है. विभाग यह देखेगा कि संस्थान निर्धारित मापदंडों का पालन कर रहा है या नहीं. राज्य के 838 निजी आइटीआइ में 1.34 लाख से अधिक युवा पढ़ाई कर रहे हैं. हर साल फीस के रूप में इनसे मोटी रकम वसूली जाती है. इसके बाद भी सुविधा नहीं मिलती है. अभी तक की व्यवस्था के अनुसार श्रम संसाधन विभाग को निजी आइटीआइ को जांच का अधिकार नहीं था. अधिकांश आइटीआइ भारत सरकार के निर्धारित मापदंड को पूरा नहीं करते थे. इनके पास प्रशिक्षण के लिए आवश्यक उपकरण तक नहीं हैं. कुछ तो सिर्फ साइनबोर्ड तक ही सीमित हैं और सिर्फ सार्टिफिकेट देने का काम करते हैं. पूरे राज्य में कुकुरमुत्ते की तरह यह खुल चुका है. गिनती के आइटीआइ को छोड़ दिया जाए, तो न किसी के पास आधारभूत संरचना है और न प्रशिक्षण देने के लिए योग्य प्रशिक्षक. बताया जाता है कि श्रम संसाधन विभाग ने जब इसकी जांच को सोचा तो इनलोगों के संघ ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि विभाग को जांच का अधिकार ही नहीं है. इसके बाद विभाग के सचिव डा. एस सिद्धार्थ ने कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय को पांच नवंबर को पत्र लिखा. इस पत्र को आलोक में मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेश अग्रवाल ने 27 नवंबर को पत्र भेजकर जांच का अधिकार दे दिया. जांच से सबसे अधिक लाभ युवाओं को होगा. मनमाने फीस पर भी लगाम लगेगा. क्वालिटी एजुकेशन देना होगा. तीन लोगों की होगी जांच कमेटीतीन लोगों की जांच कमेटी होगी. इसमें सरकारी आइटीआइ के प्राचार्य, नियोजन पक्ष और श्रम पक्ष के अधिकारी होंगे. जांच के लिए मुख्यालय स्तर से टीम जाएगी. जिस जिले में जांच होगी, वहां के अधिकारी टीम में नहीं होंगे. विभाग एक कॉल सेंटर भी खोलेगा, जहां लोग शिकायत दर्ज करा सकेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >