नदी-जोड़ योजना के तहत बिहार की सात नदियां जोड़ी जायेंगी

नदी-जोड़ योजना के तहत बिहार की सात नदियां जोड़ी जायेंगी सकरी-नाटा, बूढ़ी गंडक, कोसी, बागमति, अधवारा, बड़ुआ और गंगा हैं नदी जोड़ योजना में शामिलएनडब्लूए ने तैयार किया डीपीआर, जल्द ही नदी जोड़ योजना पर शुरु होगा काम संवाददाता, पटना बिहार का सात नदियां नदी जोड़ योजना के तहत आपस में जुटेंगी. एनडब्लूए ने इसका […]

नदी-जोड़ योजना के तहत बिहार की सात नदियां जोड़ी जायेंगी सकरी-नाटा, बूढ़ी गंडक, कोसी, बागमति, अधवारा, बड़ुआ और गंगा हैं नदी जोड़ योजना में शामिलएनडब्लूए ने तैयार किया डीपीआर, जल्द ही नदी जोड़ योजना पर शुरु होगा काम संवाददाता, पटना बिहार का सात नदियां नदी जोड़ योजना के तहत आपस में जुटेंगी. एनडब्लूए ने इसका डीपीआर तैयार कर लिया है. जल्द ही इस पर काम शुरु होगा. उक्त जानकारी गुरुवार सो जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह ने दी. हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि केंद्र के सहयोग के बिना सूबे में नदी जोड़ योजना को मुकाम पर पहुंचाने के शत-प्रतिशत सफलता नहीं मिलेगी. नदी-जोड़ योजना मद की राशि केंद्र को मुहैय्या कराने का अनुरोध पत्र केंद्र सरकार को भेजा गया है. वैसे, जल संसाधन विभाग, बिहार द्वारा अपने स्तर पर इस योजना पर काम किया जा रहा है. बिहार में सकरी-नाटा, बूढ़ी गंडक, कोसी, बागमति, अधवारा, बड़ुआ और गंगा को नदी जोड़ योजना में शामिल किया गया है. नदी-जोड़ योजना से सूबे को बाढ़ और जल-जमाव से बड़ी राहत मिलेगी. इससे धनंजय पुल और चानन डैम की भी सुरक्षा भी पुख्ता होगी.

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