गोपालगंज : दीपावली और छठ को लेकर मिठाइयों में मिलावट का कारोबार शुरू हो गया है. यह शहर से लेकर गांव तक फैल चुका है. मिलावटखोरों ने इस बार सेहत से खेलने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं. पनीर आैर छैना की खरीदारी में सतर्कता बरतने की जरूरत है. इसकी खरीदारी में धोखा खा जायेंगे. […]
गोपालगंज : दीपावली और छठ को लेकर मिठाइयों में मिलावट का कारोबार शुरू हो गया है. यह शहर से लेकर गांव तक फैल चुका है. मिलावटखोरों ने इस बार सेहत से खेलने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं. पनीर आैर छैना की खरीदारी में सतर्कता बरतने की जरूरत है. इसकी खरीदारी में धोखा खा जायेंगे.
डिमांड ज्यादा होने के कारण इसे सिंथेटिक दूध और दूध पाउडर से तैयार किया जा रहा है. चाकलेट फ्लेवर की मिठाइयों में बासी मिठाइयों का प्रयोग किया जा रहा है. तैयार मिठाइयों पर सिल्वर बर्क की जगह एल्यूमिनियम वर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है.
मानक से ज्यादा सिंथेटिक फूड कलर : मिठाइयों में मिलाया जानेवाला सिंथेटिक फूड कलर मानक से ज्यादा है. एक किलो मिठाई में 100 मिलीग्राम सिंथेटिक फूड कलर मिला सकते हैं.
पिड़िकिया में भरी जाती है बासी मिठाई : पिड़िकिया में सबसे ज्यादा बासी मिठाई भरी जाती है, जो सेहत के लिए अच्छी नहीं होती है. ऐसी पिड़िकिया खाने से आप बीमार पड़ सकते हैं. इसलिए इसकी खरीदारी करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. संभव हो तो एक बार पिड़िकिया को खरीदने से पहले जरूर चेक कर लें.
ऐसे करें सिल्वर वर्क की पहचान
सिल्वर वर्क की चमक एक समान नहीं होती. ज्यादा चमकीला तो कहीं कम, जबकि एल्यूमिनियम वर्क ज्यादा चमकीला होता है.
सिल्वर वर्क को अंगुलियों से मसलने पर यह पूरी तरह खत्म हो जाता है. एल्यूमिनियम वर्क के अंश शेष रह जाते हैं.
मावे की महचान का तरीका
– मावे का एक टुकड़ा लेकर स्वाद के आधार पर या फिर उसे हथेली पर रगड़ कर रिफाइंड की गंध का पता लगाया जा सकता है.
-मावे में आयोडीन सोल्यूशन की कुछ बूंदे छोड़ दें. अगर रंग काला हो जाता है, तो समझें कि मिलावट है.
– असली मावे में ज्यादा चिकनाई नहीं होगी, जबकि मिलावटी के अधिक चिकनाई होती है.
देसी घी में मिलावट
घी में रिफाइंड की मिलावट की जाती है. मानकों के हिसाब से घी का मिनीमम रिचर्ड वेल्यू 26 होना चाहिए, जिसमें काफी मिलावट की जा रही है.
क्या कहते हैं अधिकारी
मिलावट को रोकने के लिए प्रशासन के स्तर पर सूचना मिलने पर कार्रवाई की जायेगी. लोगों को जागरूक होना होगा. पनीर, छेना, मावा खरीदते समय सतर्कता जरूरी है.