कांग्रेस में एक व्यक्ति एक पद को लेकर नेताओं ने खोला मोरचानिशाने पर मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरीनजर मंत्री व प्रदेश अध्यक्ष की कुरसी पर संवाददाता,पटनाकांग्रेस में एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत को लेकर नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक चौधरी के खिलाफ मोरचा खोल दिया है. नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष पर कांग्रेस संविधान के विपरीत काम करने का भी आरोप लगाया है. कांग्रेस की अनुशासन समिति द्वारा नेताओं पर कार्रवाई किये जाने के बाद से नेताओं में आक्रोश है. नेताओं का कहना है कि बिना शो कॉउज के कार्रवाई की गयी है जो कांग्रेस संविधान के नियम के खिलाफ है. कांग्रेस में एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत है. अशोक चौधरी के नीतीश सरकार में मंत्री बनने के बाद कांग्रेसी नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि प्रदेश अध्यक्ष की कमान दूसरे को सौंपी जाये. जानकारी के मुताबिक एक व्यक्ति -एक पद के बहाने प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी को घेरने में वे नेता भी शामिल हैं जो चुनाव जीत कर आये हैं, पर उन्हें सरकार में जगह नहीं मिल पायी. हालांकि वे खुल कर तो सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन अध्यक्ष पद को लेकर उनकी नजर टिकी है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ अशोक चौधरी को उनके पद से हटाये जाने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से आग्रह किया गया है. पूर्व प्रदेश महासचिव डॉ विनोद शर्मा ने राहुल गांधी से श्री चौधरी को अध्यक्ष पद से हटा कर नया अध्यक्ष नियुक्त किये जाने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी के मंत्री बनने के बाद पार्टी के संसाधनों का दुरूपयोग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विधान सभा चुनाव के दौरान प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी व बिहार प्रभारी सीपीजोशी पर टिकट बेचे जाने के खिलाफ अपने पद से इस्तीफा दिया था. पार्टी से इस्तीफा नहीं दिये थे. इसके बावजूद उन्हें पार्टी से इस्तीफा देने की श्रेणी में रखा गया है. कांग्रेस संविधान के अनुशासनात्मक नियम पांच के खंड(क) के अनुसार पार्टी के किसी सदस्य से शो कॉउज के कार्रवाई के बाद ही कोई कार्रवाई की जा सकती है. श्री शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी व उपाध्यक्ष राहुल गांधी में पूरी आस्था है. वे कांग्रेसी की हैसियत से कांग्रेस हित में काम करेंगे. पूर्व विधायक सुनीता देवी ने अनुशासन समिति के निर्णय पर आक्रोश व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि पार्टी से इस्तीफा देने के बाद वे चुनाव लड़ी हैं. इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित किया है. जो गलत है. पार्टी में रह कर चुनाव लड़ती तब कार्रवाई की बात हो सकती थी. अनुशासन समिति को निर्णय लेने का नहीं अनुशंसा करने का अधिकार है. विधान सभा चुनाव में पार्टी की बगैर अनुमति के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले 41 कांग्रेसी नेताओं को अनुशासन समिति ने निष्कासित कर दिया, जबकि इस्तीफा देनेवाले 55 कांग्रेसी नेताआें का इस्तीफा स्वीकार किया है. अगली रणनीति छह दिसंबर को तय करेंगे रामजतनपार्टी से इस्तीफा देकर चुनाव लड़नेवाले प्रो़ राम जतन सिन्हा ने कहा कि इस्तीफा देनेवाले पर पार्टी कोई कार्रवाई नहीं कर सकती है. उन्होंने कहा कि छह दिसंबर को अपने समर्थकों के साथ आगे की रणनीति तय करेंगे.
कांग्रेस में एक व्यक्ति एक पद को लेकर नेताओं ने खोला मोरचा
कांग्रेस में एक व्यक्ति एक पद को लेकर नेताओं ने खोला मोरचानिशाने पर मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरीनजर मंत्री व प्रदेश अध्यक्ष की कुरसी पर संवाददाता,पटनाकांग्रेस में एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत को लेकर नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक चौधरी के खिलाफ मोरचा खोल दिया है. नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष पर कांग्रेस […]
