बच्चे का अपहरण का महिला ने 17 हजार में बेचा

बच्चे का अपहरण का महिला ने 17 हजार में बेचा पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर की छापेमारीविशनपुर बाजार से बेचे गये मासूम बच्चे को किया गया बरामदमहिला अपहर्ता से पूछताछ करने में जुटी पुलिस टीमफोटो-21सिधवलिया. महिला ने एक सात वर्षीय मासूम बच्चे का अपहरण कर महज 17 हजार रुपये में उसे बरौली में […]

बच्चे का अपहरण का महिला ने 17 हजार में बेचा पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर की छापेमारीविशनपुर बाजार से बेचे गये मासूम बच्चे को किया गया बरामदमहिला अपहर्ता से पूछताछ करने में जुटी पुलिस टीमफोटो-21सिधवलिया. महिला ने एक सात वर्षीय मासूम बच्चे का अपहरण कर महज 17 हजार रुपये में उसे बरौली में बेच दिया. उधर, परिजन उसे दो दिनों से खोज रहे थे. बुधवार को बच्चे के लापता होने की जानकारी सिधवलिया पुलिस को दी गयी. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच शुरू कर दी. इस बीच चौकानेवाली बात सामने आयी है. हालांकि पुलिस ने मासूम बच्चे को विशुनपुरा बाजार के समीप सड़क से बरामद कर लिया है. पुलिस महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि सिधवलिया थाना क्षेत्र के बरहिमा गांव के ललन प्रसाद के सात वर्षीय पुत्र विशाल कुमार 29 नवंबर की सुबह घर से खेलने के लिए निकला और लापता हो गया. काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई अता-पता नहीं चला, तो परिजनों ने बुधवार की सुबह पुलिस को घटना की जानकारी दी. थानाध्यक्ष अशोक कुमार राय इस मामले की जांच में जुटे थे. पुलिस ने शक के आधार पर सदौवा गांव में छापेमारी कर शांति देवी नामक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पुलिस के समक्ष उसने चौकानेवाली बात का खुलासा किया है. उसने स्वीकार किया कि बच्चे का अपहरण कर 17 हजार रुपये में बरौली में बेच दिया था. उसके बताने के अनुरूप पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी. इस क्रम में भयभीत होकर बच्चा खरीदनेवाली महिला ने विशुनपुरा अहिरटोली के प्राथमिक विद्यालय के समीप बच्चे को सड़क पर छोड़ दिया था, जहां से उसे बरामद कर लिया गया. फ्लैश बैकशहर से अपहृत बच्चे का नहीं मिला सुरागगोपालगंज. शहर के जादोपुर चौक से रिक्शाचालक के चार वर्षीय मासूम बच्चे के अपहरण के मामले में 20 दिन बीत जाने के बाद भी नगर थाने की पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है. सिधवलिया में महिला की गिरफ्तारी से स्पष्ट हो गया है कि रिक्शाचालक के मासूम बच्चे का अपहरण भी बेचने के लिए ही किया गया हो या मानव तस्करों से उसका अपहरण कर बड़े शहरों में बेच दिया हो. पुलिस भी इसे गंभीरता से नहीं ले रही है. डाकघर चौराहे पर मोची का काम करनेवाले अमरेंद्र राम का नाती बजरंगी के अपहरण का मामले नगर थाने में दर्ज होने के बाद पुलिस आज तक कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है.

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