सामाजिक समरता का प्रतीक है बथुआ बाजार का अखाड़ा

सामाजिक समरता का प्रतीक है बथुआ बाजार का अखाड़ा दोनों समुदाय के लोग मिल कर बनाते हैं ताजिया फोटो न. 36 भगवानपुर गांव में ताजिया बनाते कलाकार. गोपालगंज. फुलवरिया प्रखंड के बथुआ बाजार का अखाड़ा सामाजिक समरसता का प्रतीक है. दोनों समुदायों के लोग मिल कर ताजिया और दुर्गापूजा की जुलूस निकालते हैं. बथुआ बाजार […]

सामाजिक समरता का प्रतीक है बथुआ बाजार का अखाड़ा दोनों समुदाय के लोग मिल कर बनाते हैं ताजिया फोटो न. 36 भगवानपुर गांव में ताजिया बनाते कलाकार. गोपालगंज. फुलवरिया प्रखंड के बथुआ बाजार का अखाड़ा सामाजिक समरसता का प्रतीक है. दोनों समुदायों के लोग मिल कर ताजिया और दुर्गापूजा की जुलूस निकालते हैं. बथुआ बाजार में यह मिसाल पिछले कई वर्षों से कायम है. भगवानपुर गांव में पूर्व मुखिया अकबर मियां के नेतृत्व में दोनों समुदायों के लोग मुहर्रम का जुलूस निकालते हैं. भगवानपुर गांव में महावीरी अखाड़ा और मुहर्रम जुलूस एक ही दिन पड़ा था. लेकिन, जिला प्रशासन की शांति समिति की आयोजित बैठक में जुलूस को एक दिन आगे-पीछे निकालने का निर्णय ग्रामीणों ने लिया. दूसरी तरफ बथुआ बाजार में दुर्गापूजा और मुहर्रम जुलूस एक साथ निकाला गया. दोनों समुदायों के लोग जुलूस में शामिल हुए. इस दौरान फुलवरिया थाने की ओर से सुरक्षा – व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. फुलवरिया के थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार, श्रीपुर ओपी के थानाध्यक्ष मो नौशाद आलम, अंचल पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी ने त्योहार को सामाजिक समरसता के बीच मनाने की अपील की.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >