आस्था का केंद्र बना नरइनियां देवी मंदिर

आस्था का केंद्र बना नरइनियां देवी मंदिर संवाददाता, मीरगंज प्रणतानां प्रसीद त्वं देवी विश्वार्तिहारिणी। त्रेलोक्यवासिना मीडये लोकानां वरदा भव।। श्री दुर्गा सप्तशती की यह सिद्ध संपुट-मंत्र प्रसन्नता प्राप्ति के लिए पढ़ा जाता है, जबकि नरइनियां माई राज-राजेश्वरी की ऐसी महिमा है कि यहां बगैर कोई मंत्र-पाठ के ही सब कुछ सुलभ हो जाता है. उनके […]

आस्था का केंद्र बना नरइनियां देवी मंदिर संवाददाता, मीरगंज प्रणतानां प्रसीद त्वं देवी विश्वार्तिहारिणी। त्रेलोक्यवासिना मीडये लोकानां वरदा भव।। श्री दुर्गा सप्तशती की यह सिद्ध संपुट-मंत्र प्रसन्नता प्राप्ति के लिए पढ़ा जाता है, जबकि नरइनियां माई राज-राजेश्वरी की ऐसी महिमा है कि यहां बगैर कोई मंत्र-पाठ के ही सब कुछ सुलभ हो जाता है. उनके दरबार में पांव रखते ही प्रसन्नता खिलखिलाने लगती है. मीरगंज से सटा यह जागृत स्थान आज कल झालरों-बत्तियों, फूल-मालाओं से सजा आस्था व आकर्षण का केंद्र बा हुआ है. शहर व आसपास क्षेत्र के भक्तजन व श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ रही है यहां. सायं सात बजे होनेवाली आरती में भक्तों की श्रद्धा देखते बनती है. एक अद्भुत दृश्य उपस्थित होता है. घंटियों -करताल की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो जाता है. मालूम हो कि जिले के प्रसिद्ध स्थानों में एक नरइनियां ग्रामवासिनी मइया राज -राजेश्वरी का भी स्थान है. यहां की देवी प्राचीन काल में गुप-चुप रूप से मंदिर से सटे बगीचे में पेड़ के नीचे वास करती थीं. सीवान के देवी भक्त गुरुदेवजी व स्थानीय सेवकों ने इन्हें मंदिर में प्रतिस्थापित किया. वर्तमान में यह स्थान काफी प्रसिद्धि पा चुका है. अमरेंद्र पांडेय विधायक व क्षेत्रीय दान दाताओं के सहयोग से यहां धर्मशाला व यज्ञ शाला का निर्माण भी हो रहा है. माई सेवा में अवकाश प्राप्त साहित्य शिक्षक हरिहर मिश्र, पं नागेंद्र मिश्र, अनिरुद्ध, छोटे बाबा, कन्हैया मिश्र, बबन चौधरी, भंटालु केसरी, सूर्य लाल बाबा, संतोष श्रीवास्तव, मंजेश त्रिभुवन जी, मनीष, चुल्लू, भुअर व पूर्व मुखिया राजा राम चौधरी आदि लगे हुए हैं.

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