खाप का अस्तित्व समाप्त ! होने के कगार पर

गंडक नदी का जगीरी टोला स्कूल और पंचायत भवन पर कटाव तेज बेघर हुए लोगों को नहीं मिला सका प्रशासन से एक पॉलीथिन सोमवार की शाम 65 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गोपालगंज : गंडक नदी के कटाव से खाप मकसूदपुर गांव का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है. गंडक नदी तेजी से कटाव कर […]

गंडक नदी का जगीरी टोला स्कूल और पंचायत भवन पर कटाव तेज
बेघर हुए लोगों को नहीं मिला सका प्रशासन से एक पॉलीथिन
सोमवार की शाम 65 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा
गोपालगंज : गंडक नदी के कटाव से खाप मकसूदपुर गांव का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है. गंडक नदी तेजी से कटाव कर रहा है. लोग अपने-अपने घरों को तोड़ कर सामान को ऊंचे स्थान पर पहुंचाने में लगे हैं. जगीरी टोला में स्थित प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन पर कटाव इतना तेज है कि कभी भी नदी के आगोश में जा सकता है.
बाढ़ नियंत्रण विभाग की तरफ से इस सरकारी भवन को बचाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर पिछले दो दिनों से बांस पायलिंग कर बालू भरा बोरे से नदी की धार को रोकने का प्रयास किया जा रहा है. विभाग का यह प्रयास पानी में लाठी पीटने जैसे साबित हो रहा है.
उधर, खाप मकसूदपुर गांव के लगभग 135 परिवार पिछले चार दिनों से एक अदद पॉलीथिन के लिए तड़प रहा है. छोटे-छोटे बच्चे पेड़ के नीचे समय बिता रहे हैं. प्रशासन के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं. पतहरा तटबंध पर गंडक नदी का दबाव बना हुआ है.
बाढ़ नियंत्रण विभाग ने कहा है कि नेपाल ने सोमवार की शाम चार बजे 65 हजार क्यूसेक जल डिस्चार्ज किया है तटबंध फिलहाल सुरक्षित है. चौकसी बढ़ा दी गयी है. अधीक्षण अभियंता बासुकी नाथ प्रसाद, कार्यपालक अभियंता शरत प्रसाद, एसडीओ सचिन कुमार, राजीव कुमार मौके पर कैंप किये हुए हैं. अब जगीरी टोला गांव को भी बचाना मुश्किल होते जा रहा है.

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