गोपालगंज : रसोई गैस की बुकिंग करा रहे हैं, तो जरा-सी चूक आपको सब्सिडी से वंचित कर सकती है. बुकिंग के दौरान उपभोक्ताओं से रसोई गैस की सब्सिडी छोड़ने की अपील के साथ शून्य बटन दबाने के अनुग्रह को जोड़ दिया गया है. अनजाने में अनेक उपभोक्ता इस बटन को दबा रहे हैं, जिससे उनकी सब्सिडी गोल होने लगी है. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर फॉर लिक्विड पेट्रोलियम गैस (डीबीटीएल) को केंद्र सरकार ने इसी वर्ष 2015 से लागू कर दिया है. रसोई गैस की सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं के खाते में पहुंच रही है. जिले की 13 गैस एजेंसियों से करीब 2.89 लाख उपभोक्ता जुड़े हुए हैं.
राष्ट्रहित में सब्सिडी के त्याग की अपील पर शहर के 1 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने सब्सिडी त्याग भी दी है. वहीं, अब पेट्रोलियम मंत्रलय के निर्देश पर तेल कंपनियां मार्मिक अपील कर उद्योगपति, व्यापारी व साधन-संपन्न लोगों से सब्सिडी छोड़ने की अपील कर रही हैं. वहीं, अब गैस बुकिंग के अंतर्गत आइवीआरएस तकनीक में भी बदलाव कर दिया गया है.
तेल कंपनियों ने इंटरेक्टिव वॉयस रिकॉर्ड सिस्टम (आइवीआरएस) में बदलाव कर दिया है. ऐसे में यदि शून्य बटन दब जाता है, तो आप सब्सिडी से हाथ धो बैठेंगे. जिले में 85 से अधिक उपभोक्ताओं के पास बुकिंग के बाद सब्सिडी त्यागने के लिए धन्यवाद का मैसेज आया है.
जागरूकता से बनेगी बात
एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर्स अभिषेक कुमार शाही ने कहा कि बुकिंग के दौरान आइवीआरएस में थोड़ा परिवर्तन हुआ है. इसमें शुरू में गैस सब्सिडी की अपील सुनायी देती है. सब्सिडी त्यागने के लिए शून्य बटन दबाना होता है.
उपभोक्ता ऐसा करता है, तो राष्ट्रहित में उसकी सब्सिडी छूट जाती है. यदि उपभोक्ता सब्सिडी छोड़ना नहीं चाहता तो जरूरी है वह बुकिंग कराते समय सावधानी बरते. वहीं, ऐसे उपभोक्ताओं को वितरक को फिर से सब्सिडी पाने के लिए आवेदन करना होगा, जिस पर कंपनी विचार कर दुबारा लाभ देगी.
