गोपालगंज : महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून के तहत बने जॉब कार्ड का अब भौतिक सत्यापन होगा. इससे पंचायतों में व्याप्त भ्रष्टाचार की कलई खुलने की उम्मीद है. जांच के दायरे में पंचायत के मुखिया भी आ सकते हैं. डीडीसी सुनील कुमार ने जॉब कार्ड का भौतिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है. यह काम पंचायत की साक्षरता में कार्यरत उत्प्रेरक को करना है. उत्प्रेरक एक-एक जॉब कार्डधारी के घर जाकर सत्यापन करेंगे.
बनाया जायेगा आधार कार्ड
भौतिक सत्यापन के दौरान उत्प्रेरक इस बात का भी पता लगायेंगे कि जॉब कार्ड प्राप्त करनेवाले व्यक्ति का आधार कार्ड बना है या नहीं. पूरे पंचायत में जॉब कार्ड की जांच के बाद वैसे जॉब कार्डधारक जिनका आधार कार्ड नहीं बना है, आधार कार्ड बनाने के लिए पंचायत स्तर पर कैंप का आयोजन किया जायेगा.
जांच में खुलेगा राज
जांच से स्पष्ट हो जायेगा कि कितना बड़ा फर्जीवाड़ा जॉब कार्ड बनाने में किया गया है. अधिकतर जॉब कार्डधारियों को यह पता भी नहीं कि उनके नाम पर जॉब कार्ड भी है.
कई केस तो ऐसे भी हैं कि जॉब कार्डधारी विदेश में काम कर रहे हैं और उनके नाम के बने कार्ड का प्रयोग पंचायत के मुखिया करते हैं. इतना ही नहीं उनके नाम पर डाकघर में खाता खोल कर नियमित मजदूरी का भुगतान भी लिया गया है. यह मामला सामने आने के बाद जांच का निर्णय लिया गया है.
