गोपालगंज : तेलहन की फसल पर बादलों की नजर है. ऐन वक्त सरसों पर लाही इस कदर पड़ी कि किसानों के होश उड़ गये हैं. खेत में अब तोरिया भी फूलों से लदी है. धूप न होने से फसलें बर्बाद होने के कगार पर हैं. कोहरा के कारण दाने नहीं ले पा रही. किसान व्याकुल है. चिंता में भोजन हलक के नीचे उतर रहा है न पानी.
बर्बाद हो रही तेलहन की फसलों को देख किसानों के छाती पर मानों सांप लोट रहे हैं. बेमौसम बारिश से सरसों के फूल बिना फल लगे ही टूटकर गिरने लगे हैं. अकिसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखने लगी हैं. कर्णपुरा के किसान सुनील सिंह कहते हैं बारिश से सरसों की फसलों को भारी क्षति हुई है. फल लगे बगैर 30 फीसदी सरसों के फूल झड़ गए.
उत्पादन घटकर आधा हो जायेगा. चिंता सोने नहीं दे रही है. शाकिर अली कहते हैं शीतलहर के चपेट में आने से फसलें बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं. रामपुर के ध्रुव मिश्र की मानें तो मौसम की मार से हर फसलें प्रभावित हो रही हैं. कभी सूखा तो कभी बारिश किसानों की कमर तोड़ रही है. फसलों के सुरक्षा की गारंटी नहीं है. मौसम अनुकूल न होने से अगेती व पछेती तेलहन की फसलों पर ग्रहण लगा है.
