राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने चीनी मिल को दिया क्लियरेंस

गोपालगंज : आर्थिक संकट से जूझ रही सासामुसा चीनी मिल को बिहार राज्य प्रदूषण पर्षद ने जांच के बाद क्लियरेंस दे दिया है. पर्षद से हरी झंडी मिलने के बाद पेराई सत्र की शुरुआत मंगलवार को होगी. फैक्टरी ने पेराई सत्र को शुरू करने के लिए अपनी तैयारियों पूरी कर ली है. सुबह 10 बजे […]

गोपालगंज : आर्थिक संकट से जूझ रही सासामुसा चीनी मिल को बिहार राज्य प्रदूषण पर्षद ने जांच के बाद क्लियरेंस दे दिया है. पर्षद से हरी झंडी मिलने के बाद पेराई सत्र की शुरुआत मंगलवार को होगी. फैक्टरी ने पेराई सत्र को शुरू करने के लिए अपनी तैयारियों पूरी कर ली है.

सुबह 10 बजे डोंगा पर इलाके के प्रमुख किसानों के हाथों गन्ना डालकर पेराई की शुरुआत की जायेगी. मिल के मालिक महमूद अली ने बताया कि फैक्टरी में तमाम मशीनों को नया लगा दिया गया है. फैक्टरी में प्रदूषण को लेकर लगी रोक के बाद इलाके के किसान आशा-निराशा के बीच जूझ रहे थे. इस बीच फैक्टरी को क्लीन चिट मिलने से उनको राहत मिली है.
हालांकि फैक्टरी के लेट से पेराई सत्र की शुरुआत करने से खूंटी वाले किसानों को परेशानी हो रही है. किसान गन्ना काट कर रबी की बोआई अब नहीं कर पायेंगे. चीनी मिल के एसएमएस मिलने के बाद किसान अपना गन्ना लेकर फैक्टरी में गिराने के लिए पहुंचे हैं, जबकि किसानों को अब भी 32.57 करोड़ का बकाया चीनी मिल पर है. पिछले वर्षों का लगभग 11.35 करोड़ का बकाया है.
किसान भुगतान नहीं मिलने के कारण परेशान हो उठे हैं, लेकिन अपनी जुबान नहीं खोल रहे हैं. प्रभारी ईख पदाधिकारी जयप्रकाश नारायण सिंह ने बताया कि सासामुसा चीनी मिल के पेराई सत्र को मंगलवार को शुरू करना है. किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए फैक्टरी को चलाना अावश्यक था. चीनी मिल को निदेशित किया गया है कि वे किसानों का भुगतान भी करते रहे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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