नदी की तबाही को रोकने के लिए सांसद ने मंत्रालय से की हस्तक्षेप की अपील

गोपालगंज : नेपाल में होने वाली बारिश से नारायणी नदी उत्तर बिहार में हर साल तबाही मचाती है. इस तबाही को रोक पाने में अबतक की सभी कोशिश नाकाम रही है. इसको देखते हुए सांसद डॉ आलोक कुमार सुमन ने सरकार से स्थायी समाधान के लिए पहल शुरू की है. उन्होंने जल संसाधन मंत्री गजेंद्र […]

गोपालगंज : नेपाल में होने वाली बारिश से नारायणी नदी उत्तर बिहार में हर साल तबाही मचाती है. इस तबाही को रोक पाने में अबतक की सभी कोशिश नाकाम रही है. इसको देखते हुए सांसद डॉ आलोक कुमार सुमन ने सरकार से स्थायी समाधान के लिए पहल शुरू की है. उन्होंने जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलकर जिले में साल-दर-साल होने वाली तबाही को रोकने के लिए विशेषज्ञों की टीम से तत्काल प्रोजेक्ट बनाकर इसका समाधान निकालने की अपील की है. उन्होंने लोकसभा में इस मामले को उठाकर समाधान की मांग की है.

नेपाल के पानी से मचती है तबाही : नेपाल में बारिश से गंडक का क्रोध गोपालगंज को उजाड़ने लगता है. अपना घर खो चुके लोग बांधों, सड़क के किनारे, नहरों पर जीवन गुजार रहे हैं. हर पल संघर्ष से जूझ रहे हैं, लेकिन बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी निदान नहीं निकाला जा सका हैं. बरसात शुरू होने के साथ ही लोगों की धड़कनें भी बढ़ गयी हैं. जिले के कुचायकोट, सदर, मांझा, बरौली, सिधवलिया तथा बैकुंठपुर के लगभग 47 पंचायतों की 3.46 लाख की आबादी बुरी तरह से प्रभावित होती रही है.
बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य के नाम पर बाढ़ पीड़ितों को जो दर्द झेलना पड़ता है यह वे ही जानते हैं. सरकार की तरफ से जल संसाधन विभाग प्रत्येक वर्ष 60 से 80 करोड़ का खर्च कर सिर्फ बचाव कार्य करता है. स्थायी समाधान नहीं हो पाता. नदी का जल स्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है. जल स्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती लोग अपना ठिकाना भी तलाशने में जुट गये हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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