गोपालगंज : सोमवार की सुबह से ही ‘सूर्यदेव’ तमतमाये नजर आने लगे थे. सूर्य की किरणें बेहद तल्ख होने से शरीर को भी भेद रही हैं. दोपहर में गर्मी तीव्र होने के कारण बचने के तमाम इंतजाम के बावजूद घर से बाहर निकले लोगों के सिर चकराने लगे. लू के थपेड़े शरीर भी झुलसा जा रहे हैं.
दोपहर के समय हवाएं जैसे धधक उठीं. तेज हवाओं से सड़कों पर खूब धूल उड़ी. इससे राहगीरों व दुपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई. बार-बार पानी पीने के बाद भी गला सूखा ही रहा. चौराहों व बाजारों में सन्नाटा पसर गया.
वहीं, रात में भी गर्म हवा चलने से लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है. दोपहर में स्कूलों की छुट्टियां होने के बाद बच्चे झुलसते हुए घर पहुंचे. कई बच्चे तो बीमार हो गये. लू लगने के कई मरीज सदर अस्पातल में पहुंचे.
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ऐसे ही मौसम के बने रहने के आसार जताये हैं. उसके बाद मौसम में बदलाव के बाद तेज हवा के साथ बारिश-आंधी के आसार बन रहे हैं.भीषण गर्मी के कारण गले सूखे जा रहे थे. आलम यह रहा कि शीतल पेय भी बेअसर साबित हो रहे थे.
धूप से सड़कें इतनी गर्म हो गयी थी कि शाम सात बजे के बाद भी धधकती महसूस हो रही थी. रात में हवाएं चलीं, लेकिन वह गर्म थीं. मौसम विज्ञानी डॉ एसएन पांडेय की मानें तो रविवार की तुलना में सोमवार को अधिकतम तापमान में मामूली वृद्धि हुई. सोमवार को अधिकतम पारा 43.0 और न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रहा. अधिकतम आर्द्रता 44 और न्यूनतम 23 फीसदी रही. छह किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्वी हवाएं चलीं.
