42 डिग्री के पार पहुंचा पारा, बाहर निकलना मुिश्कल

गोपालगंज : बुधवार को सूर्यदेव सुबह 11:30 बजे से ही दहकने लगे. सूर्य की तपिश से राहगीर पेड़ों की छांव तलाश करने लगे. शहर की सड़कों पर कही भी पेड़ नहीं होने से लोग छटपटा उठे. तपती दोपहरी में स्कूलों से घर आने वाले बच्चों को सबसे अधिक लू का शिकार होना पड़ा. लू के […]

गोपालगंज : बुधवार को सूर्यदेव सुबह 11:30 बजे से ही दहकने लगे. सूर्य की तपिश से राहगीर पेड़ों की छांव तलाश करने लगे. शहर की सड़कों पर कही भी पेड़ नहीं होने से लोग छटपटा उठे. तपती दोपहरी में स्कूलों से घर आने वाले बच्चों को सबसे अधिक लू का शिकार होना पड़ा.

लू के कारण कई बच्चों के नाक से ब्लड निकलने की शिकायत आयी. बुधवार को अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 26.9 डिग्री पहुंच गया. आर्द्रता 24-56 फीसदी रही. शाम तक तपिश का एहसास हुआ. बंगाल की खाड़ी से आ रही पूर्वी हवा के कारण तपिश बढ़ रही है.
पूर्वी हवा 13.8 किमी की रफ्तार से चल रही. मौसम के तेवर देख लोग जरूरी काम की स्थिति में ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. कमरे में पंखे की हवा भी गर्म हो जा रही थी. इस कारण लोग पसीने-पसीने हुए. मौसम विज्ञानी डॉ एसएन पांडेय के अनुसार बंगाल से आने वाली गर्म हवा के कारण गर्मी में एक से दो डिग्री के तापमान में अंतर होना मामूली बात है.
बंगाल की खाड़ी में बन रहा विक्षोभ : बंगाल की खाड़ी में एक विक्षोभ बनकर तैयार हो रहा है. अगर यह पश्चिम की ओर बढ़ा तो मौसम को बदल सकता है. आंशिक बादल के साथ 10 फीसदी संभावना है कि बूंदा-बांदी हो सकती है. मौसम विज्ञानी डॉ पांडेय की मानें तो ज्यादातर उम्मीद है कि विक्षोभ उत्तर बिहार तक आने तक टूट सकता है.

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