बिखरा सपना. शहर में हाउस फॉर ऑल योजना की रफ्तार सुस्त
हाउस फॉर ऑल योजना एलपीसी के पेच में उलझ कर रह गयी है. 500 आवास बनाने के लिए नगर पर्षद को जनवरी में राशि मिल गयी, लेकिन अब तक महज 150 लोगों को ही इसका लाभ मिला है. शेष लोग एलपीसी के लिए दौड़ लगा रहे हैं.
गोपालगंज : जिले में हाउस फॉर ऑल योजना दम तोड़ रही है. गरीबों का आशियाने का सपना एलपीसी के पेच में उलझ कर रह गया है. आवास बनाने के लिए तीन सौ से अधिक लोगों का चयन किया गया है, लेकिन एलपीसी नहीं रहने के कारण वे लाभ पाने से वंचित हैं. जनवरी में 500 लाभुकों के लिए 2.5 करोड़ की राशि पहली किस्त के लिए आयी. आठ माह में महज 150 लोगों को वर्क ऑर्डर देते हुए पहली किस्त की 50 हजार राशि मुहैया करायी गयी है. चयनित लाभुकों को राशि न मिलने में सबसे बड़ा पेच एलपीसी है, जो इन्हें मिल नहीं रहा है. यह लाभ उन्हीं को मिलेगा जो एलपीसी देंगे. इस टेढ़ी प्रक्रिया ने योजना की सफलता को जटिल बना दिया है.
100 से अधिक के पास है भूदान की जमीन : आवास का लाभ पाने वालों में 100 से अधिक लोगों के पास भूदान की जमीन है. भूदान वाली जमीन का भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र (एलपीसी) अंचल कार्यालय द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है. इसका कारण है विभाग के पास रेकाॅर्ड का न होना. अब सवाल यह है कि इन गरीबों का घर कैसे बनेगा. ऐसे में गरीब बेचैन हैं.
500 के लिए आवंटन, लाभ 150 लोगों को
योजना में एलपीसी बाधक
कैंप लगा कर वर्क ऑर्डर दिये जा रहे हैं. सबको राशि उपलब्ध न कराने में सबसे बड़ी बाधा एलपीसी है. इसके लिए भी विशेष रणनीति बनायी जायेगी और हर हाल में सभी को राशि उपलब्ध करा दी जायेगी.
ज्योति कुमार श्रीवास्तव, इओ, नप, गोपालगंज
एक नजर में आवास और आवास विहीन की स्थिति
