गया जी के वजीरगंज में आकाशीय बिजली का कहर: बकरी चराकर लौट रही 45 वर्षीय विधवा महिला की मौत, दो बेटियों के सिर से उठा साया

गया के वजीरगंज प्रखंड में आकाशीय बिजली गिरने से 45 वर्षीय संगीता देवी की दर्दनाक मौत हो गई. वह मवेशी चराकर लौट रही थीं. उनके पति का पहले ही निधन हो चुका था, जिससे बेटियों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

Gaya Ji News: जिले के वजीरगंज प्रखंड क्षेत्र स्थित बढ़ई बिगहा (टोला उखड़ा) गांव में बुधवार दोपहर बाद आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से 45 वर्षीय संगीता देवी की दर्दनाक मौत हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संगीता देवी दोपहर करीब तीन बजे मवेशियों (बकरियों) को चराने के लिए बहियार की ओर गई थीं. शाम के समय अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई. बारिश से बचने के लिए वह बकरियों को लेकर तेजी से घर की ओर लौट रही थीं, तभी गांव के समीप रास्ते में ही भीषण गड़गड़ाहट के साथ गिरी आकाशीय बिजली की सीधी चपेट में आ गईं.

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थमी सांसें

वज्रपात की चपेट में आते ही महिला मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ीं:

  • अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित: जोरदार आवाज सुनकर दौड़े स्थानीय ग्रामीण आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. नंदलाल प्रसाद ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया.
  • गांव में पसरा सन्नाटा: घटना की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया.

पहले पति को खोया, अब बेटियों के सिर से उठा मां का साया

पारिवारिक पृष्ठभूमि अत्यंत भावुक और विपन्नता भरी रही है:

  • ससुराल व मायके का विवरण: मृतका के पिता मिथलेश यादव ने बताया कि संगीता देवी की ससुराल आसनौली गांव में थी. पति स्वर्गीय सुनील यादव का पहले ही निधन हो चुका था, जिसके बाद से वह अपने मायके बढ़ई बिगहा में ही रहकर गुजर-बसर कर रही थीं.
  • बेटियों पर टूटा दुखों का पहाड़: मृतका अपने पीछे दो पुत्रियों को छोड़ गई हैं, जिनमें से एक बेटी की शादी हो चुकी है जबकि दूसरी अभी अविवाहित है. मां की असमय मौत से दोनों बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है.
अस्पताल परिसर में रोते परिजन, ढ़ाढस बंधाते ग्रामीण.

ग्रामीणों ने की आपदा राहत मुआवजे की मांग

अचानक हुए इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व आपदा प्रबंधन विभाग से आग्रह किया है कि मृतका अत्यंत गरीब परिवार से थीं, ऐसे में सरकारी प्रावधानों के तहत आपदा राहत कोष से पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का अनिवार्य अनुग्रह अनुदान (मुआवजा) जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाए.

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By अमरेंद्र कुमार

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