गया जी की चार नाबालिग छात्राओं के मुंबई में होने की लोकेशन मिलते ही वजीरगंज पुलिस की टीम 13 सितंबर को फ्लाइट से मुंबई पहुंची. मुंबई पुलिस के सहयोग से तकनीकी साक्ष्य के आधार पर टीम उस फ्लैट तक पहुंची, जहां चारों छात्राएं रह रही थीं. पुलिस ने सभी छात्राओं को सकुशल बरामद कर लिया और बाद में ट्रेन से गया वापस ले आई.
मुंबई से छात्राओं की सकुशल बरामदगी
थानाध्यक्ष नीरज कुमार एवं कांड की अनुसंधानकर्ता माला कुमारी ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पूछताछ के दौरान छात्राओं ने बताया कि वे विद्यालय परिसर से गहलौर सड़क होते हुए भिंडस पहुंचीं और वहां से गया आकर मुंबई जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में सवार हो गईं, तथा उस वक्त उन सभी छात्राओं के पास कुल करीब छह हजार रुपये मौजूद थे.
घर की आर्थिक स्थिति और भागने की योजना
पुलिस के अनुसार, घर की कमजोर आर्थिक स्थिति और परिजनों की डांट-फटकार से पूरी तरह परेशान होकर उन्होंने पहले से ही घर से बाहर जाकर मजदूरी करने की बड़ी योजना बना रखी थी, और पूछताछ में यह भी मुख्य रूप से सामने आया कि उनमें से एक छात्रा वर्ष 2017 में अपने परिजनों के साथ मुंबई में रह चुकी थी, जिसके आधार पर वे सभी मुंबई जाने की योजना बना रही थीं.
ट्रेन यात्रा और मुंबई में रहने का ठिकाना
ट्रेन यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात सहरसा के एक युवक से हुई, जिससे बातचीत होने के बाद उसी के माध्यम से उन्हें मुंबई में उसकी भाभी के फ्लैट में रहने की सुरक्षित जगह मिल गई थी, जहां वे छिपकर रह रही थीं.
न्यायालय में बयान और परिजनों को सुपुर्दगी
पुलिस के अनुसार, बुधवार को माननीय न्यायालय में सभी छात्राओं का विधिवत बयान दर्ज कराया जाएगा, और उसके बाद सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें उनके परिजनों को सकुशल सुपुर्द कर दिया जाएगा.
