Gaya Ji News: जिले के वजीरगंज महाविद्यालय में पदस्थापित अर्थशास्त्र विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक एवं कुर्कीहार निवासी प्रोफेसर सियाशरण सिंह का मंगलवार की देर रात आकस्मिक निधन हो गया. उनके असामयिक देहावसान की खबर जैसे ही बुधवार सुबह सामने आई, महाविद्यालय परिवार, शैक्षणिक जगत और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों और सहकर्मियों के लिए यह खबर अत्यंत स्तब्ध करने वाली रही.
महाविद्यालय परिसर लाया गया पार्थिव शरीर, दी गई श्रद्धांजलि
महाविद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार ने बताया कि बुधवार को प्रो. सियाशरण सिंह का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए वजीरगंज महाविद्यालय परिसर लाया गया. पार्थिव शरीर के पहुंचते ही पूरा माहौल गमगीन हो गया. महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने कतारबद्ध होकर उनके अंतिम दर्शन किए और पुष्प अर्पित कर भावभीनी विदाई दी. इस दौरान एक शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की.
वर्ष 1988 से दे रहे थे निरंतर सेवाएं, 2 वर्ष शेष था कार्यकाल
प्राचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रो. सियाशरण सिंह वर्ष 1988 से निरंतर वजीरगंज महाविद्यालय में अध्यापन कार्य से जुड़े थे और अर्थशास्त्र विभाग में अपनी कर्तव्यनिष्ठ सेवाएं दे रहे थे. उनकी अधिवर्षता (सेवानिवृत्ति) अवधि में अभी करीब दो वर्ष का समय शेष था. अपने लंबे शैक्षणिक जीवन के दौरान उन्होंने अनगिनत विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और संस्था के शैक्षणिक विकास में अहम योगदान दिया.
सरल व्यक्तित्व और अपूरणीय क्षति को किया गया याद
शोक सभा में सहकर्मियों ने प्रो. सिंह के सरल, सहज और मिलनसार व्यक्तित्व को याद करते हुए उनके निधन को वजीरगंज महाविद्यालय के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया. शिक्षकों ने कहा कि उन्होंने सदैव एक आदर्श शिक्षक और कुशल मार्गदर्शक की भूमिका निभाई. उनके आकस्मिक चले जाने से न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे कुर्कीहार और वजीरगंज क्षेत्र ने एक समर्पित शिक्षाविद को खो दिया है.
