सावन शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि यानी सोमवार को विष्णुपद मंदिर सहित शहर के कई अन्य मंदिरों व ठाकुरबाड़ियों में श्रद्धा, भक्ति व भव्यता के साथ झूलनोत्सव कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, और विष्णुपद मंदिर में श्री विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति द्वारा पांच दिवसीय झूलनोत्सव का आयोजन शुरू किया गया है.
वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य श्रृंगार के साथ अनुष्ठान
झूलनोत्सव का विधिवत शुभारंभ वैदिक पाठशाला के बच्चों द्वारा विष्णु सहस्त्रनाम पाठ और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया, जिसमें रंग-बिरंगे फूलों व हरे पत्तों से बने आकर्षक मंच पर चांदी के पालने में भगवान विष्णु के सोने के चरणों को पूरे विधि-विधान से विराजमान कर झुलाया जा रहा है.
राधा-कृष्ण की झांकी और साध्वी प्रज्ञा भारती का प्रवचन
मंदिर के बाहरी परिसर में भगवान कृष्ण और राधे की सुसज्जित पंडाल में बनी मनमोहक झांकी भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है, तथा झूलनोत्सव के पहले दिन सोमवार से ही साध्वी प्रज्ञा भारती का प्रवचन भी आरंभ हो गया है.
सुरक्षा और सजावट के पुख्ता इंतजाम
इस आयोजन को लेकर पूरे मंदिर प्रांगण को रंग-बिरंगी आकर्षक लाइटों और फूलों से भव्य तरीके से सजाया गया है, और भीड़ को नियंत्रित व व्यवस्थित रखने के लिए मंदिर प्रबंधन समिति के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ दर्जन से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती भी की गई है.
प्रबंधन समिति के सदस्यों का सक्रिय सहयोग
कार्यक्रम के सफल और व्यवस्थित संचालन में समिति के अध्यक्ष शंभू लाल विट्ठल, सचिव गजाधर लाल पाठक, मणिलाल बारिक, प्रेमनाथ टईया, नीतीश विट्ठल सहित समिति से जुड़े कई अन्य सदस्य पूरी निष्ठा और तन्मयता से जुटे हुए हैं.
