बाल श्रम से मुक्त बच्चों के लिए सरकार का बड़ा प्लान, गया में पितृपक्ष के बाद शुरू होगी नई व्यवस्था

बिहार सरकार बाल श्रम मुक्त राज्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है. गया में जल्द ही बाल श्रम से प्रभावित बच्चों के लिए विशेष विद्यालय और प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे.

गया जी शहर के हरिदास सेमिनरी प्लस टू स्कूल परिसर में स्थित ऑडिटोरियम में सोमवार को बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग, पटना के तत्वावधान में ‘बाल श्रम मुक्त, शिक्षित एवं विकसित बिहार’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का शुभारंभ श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार बादल, उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, राज्य कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य चंदन कुमार सिंह, मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) विकास वैभव, विशेष सचिव उपेंद्र प्रसाद, श्रमायुक्त राजेश भारती व आयोग के सदस्य शौकत अली ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

मौके पर मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने इस सफल आयोजन के लिए आयोग को धन्यवाद देते हुए कहा कि बाल श्रम से विमुक्त बच्चों व निर्माण श्रमिकों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने तथा उन्हें छात्रवृत्ति एवं वित्तीय सहायता राशि उपलब्ध कराने की सरकार की आगामी योजना है. राज्य भर में विशेष बाल श्रमिक विद्यालय खोले जाएंगे. उन्होंने यह भी घोषणा की कि पितृपक्ष के तुरंत बाद गयाजी में भी इसका प्रभावी क्रियान्वयन शुरू कर दिया जाएगा.

बाल श्रम उन्मूलन कार्यशाला में मंच पर मौजूद मंत्री, अधिकारी और अन्य अतिथि.

इस दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं से लाभान्वित प्रमंडल के लाभुकों, कर्मकार प्रतिकर अधिनियम के तहत अनुग्रहित आश्रितों तथा विमुक्त बाल एवं किशोरों को सावधि जमा (Fixed Deposit) के 25 हजार रुपये के सांकेतिक चेक का वितरण भी किया गया.

अनजाने में भी बाल श्रम को बढ़ावा न दें: चंदन सिंह

राज्य कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य चंदन कुमार सिंह ने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे बाल श्रम कराने वाली दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं ढाबों का पूर्ण बहिष्कार करें तथा अनजाने में भी बाल श्रम को बढ़ावा न दें. समाज के हर वर्ग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बाल श्रम में सहयोग न करें.

आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने क्षेत्रीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों के बीच बाल श्रम उन्मूलन को लेकर व्यापक जागरूकता फैलाने और गया में आयोजित इस कार्यक्रम को पूरे बिहार में दोहराने की अपनी योजना साझा की. वहीं, अध्यक्ष अशोक कुमार बादल ने आयोग द्वारा बाल श्रम उन्मूलन एवं उनके समुचित पुनर्वास के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों की जानकारी दी.

कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन करते मंत्री अरुण शंकर प्रसाद व अन्य अतिथि.

इस दौरान बाल श्रम की कुप्रथा से मुक्त होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके नीतीश कुमार और अबे कुमार ने अपने संघर्ष भरे जीवन के अनुभव साझा किए. कार्यक्रम के अंत में सभी ने ‘बाल श्रम उन्मूलन हमारा संकल्प, सुरक्षित बचपन, शिक्षित एवं समृद्ध बिहार’ के नारे के साथ सामूहिक शपथ ली. विशेष सचिव उपेंद्र प्रसाद ने सभी जनप्रतिनिधियों, विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों, मीडियाकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया.

सभी थानों में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान: IG विकास वैभव

मगध प्रक्षेत्र के आईजी विकास वैभव ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि बाल श्रम के खिलाफ जन-जागरूकता कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने घोषणा की कि इसी तर्ज पर मगध प्रमंडल के सभी थानों में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि बाल श्रम के खिलाफ चल रही मुहिम में पुलिसिंग की भी सकारात्मक और प्रभावी भूमिका सुनिश्चित हो सके. थाना स्तर पर इसके लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिससे पुलिस की कार्यशैली को और अधिक संवेदनशील व उत्तरदायी बनाया जा सके.

बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास पर विस्तृत चर्चा

कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने पर्वत पुरुष दशरथ मांझी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. श्रमायुक्त राजेश भारती ने विषय प्रवेश कराते हुए बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास के क्षेत्र में विभाग द्वारा किए गए विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी.

उप श्रमायुक्त गणेश कुमार झा ने बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास के लिए विभागीय स्तर पर की जा रही कार्रवाई तथा 'बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए राज्य रणनीति एवं कार्य योजना-2025' पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया. इसके अलावा, उपश्रमायुक्त पूनम कुमारी, सहायक श्रमायुक्त ऋतुराज, अरवल जिला प्रभारी मृत्युंजय कुमार झा, नवादा के श्रमाधीक्षक चंद्रशेखर सिंह और औरंगाबाद की अंजू कुमारी सहित अन्य अधिकारियों ने भी सभा को संबोधित किया.

इन गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति

इस गरिमामयी कार्यशाला के दौरान जदयू जिलाध्यक्ष अजय कुशवाहा, जदयू महिला जिलाध्यक्ष सह नागरिक परिषद सदस्य ज्योति दांगी, नगर प्रखंड प्रमुख सुचिता रजनी, 20 सूत्री सदस्य अवध बिहारी पटेल, उपप्रखंड प्रमुख सतीश पटेल, अरुण राव, कुंडल वर्मा, धनंजय शर्मा, राकेश पांडेय, बृजराज पांडे, विनोद यादव, अरविंद वर्मा, सुरेश राव, जितेंद्र दास और मुखिया प्रतिनिधि आदित्य कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे.

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By हरिबंश कुमार

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