Sherghati Civil Court : गया जी जिले के शेरघाटी व्यवहार न्यायालय ने करीब 20 वर्ष पुराने चर्चित हत्या मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर तीनों आरोपितों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया.
20 साल पुराने हत्या मामले में आया फैसला
शेरघाटी व्यवहार न्यायालय के एडीजे-4 जावेद अहमद खान की अदालत ने शेरघाटी थाना कांड संख्या 13/2004 से जुड़े हत्या मामले की सुनवाई पूरी करते हुए तीनों आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया.
पत्नी समेत तीन लोगों पर लगाया गया था हत्या का आरोप
अभियोजन पक्ष के अनुसार औरंगाबाद जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र निवासी शिवदत्त चौधरी ने अपने भाई नरेश चौधरी की हत्या का आरोप उसकी पत्नी पूनम देवी, शारदा देवी और देवकुमार चौधरी पर लगाया था. शिकायत में कथित तौर पर पत्नी के अवैध संबंधों के कारण साजिश रचकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया था. साथ ही शव बुढ़िया नदी से बरामद होने की बात कही गई थी.
साक्ष्य के अभाव में आरोप साबित नहीं हो सके
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष अदालत के समक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका. इसके बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर निर्णय सुनाया.
दोनों पक्षों की बहस के बाद सुनाया गया निर्णय
एडीजे-4 जावेद अहमद खान की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शारदा देवी, देवकुमार चौधरी और पूनम देवी को दोषमुक्त कर दिया. मामले में सरकार की ओर से लोक अभियोजक शम्मी अहमद ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रमोद कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखा.
