गया-नवादा रोड पर फर्जी रिकवरी एजेंटों का आतंक: कार छीनने की कोशिश, पुलिस को देख बाइक छोड़कर भागे
जिले के गया-नवादा मुख्य मार्ग पर स्थित मेहता पेट्रोल पंप के समीप मंगलवार दोपहर लूट और ठगी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. खुद को बैंक का रिकवरी एजेंट बताने वाले बाइक सवार तीन बदमाशों ने एक कार सवार युवक को जबरन रोककर उसकी गाड़ी छीनने का दुस्साहस किया.
मानपुर से उदय शंकर की रिपोर्ट. जिले के गया-नवादा मुख्य मार्ग पर स्थित मेहता पेट्रोल पंप के समीप मंगलवार दोपहर लूट और ठगी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. खुद को बैंक का रिकवरी एजेंट बताने वाले बाइक सवार तीन बदमाशों ने एक कार सवार युवक को जबरन रोककर उसकी गाड़ी छीनने का दुस्साहस किया. हालांकि, पीड़ित की सूझबूझ, उसके शोर मचाने और ऐन मौके पर पुलिस की गश्ती टीम के पहुंच जाने से बदमाशों के मंसूबे पूरी तरह नाकाम हो गए. पुलिस को अपनी ओर आता देख तीनों बदमाश अपनी बाइक वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए.
ओवरटेक कर रोका, आईडी मांगने पर घबराए
जानकारी के अनुसार, मोहड़ा प्रखंड के कुजुर गांव निवासी पीड़ित कार चालक मनीष कुमार पांडेय अपनी कार से गया-नवादा रोड से गुजर रहे थे. मनीष ने बताया कि उन्होंने अपनी कार बैंक से फाइनेंस कराई है और वह नियमित रूप से इसकी किश्तें जमा कर रहे हैं. इसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन युवकों ने उन्हें ओवरटेक कर जबरन रुकवा लिया. वे खुद को बैंक अधिकारी बताने लगे और कार की चाबी छीनने का दबाव बनाने लगे. मनीष ने जब उनका कड़ाई से विरोध किया और उनसे बैंक का आईडी कार्ड दिखाने को कहा, तो वे घबरा गए और आनाकानी करने लगे.
गश्ती दल को देख भागे ठग, बाइक जब्त
बदमाशों के हाव-भाव देखकर मनीष को तुरंत शक हो गया कि वे लोग फर्जी बैंक अधिकारी बनकर ठगी और लूटपाट करने आए हैं. मनीष ने फौरन चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया, जिससे वहां स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने लगी. इसी बीच इलाके में नियमित गश्त कर रही पुलिस की गाड़ी उधर से गुजरी. पुलिस की गाड़ी को देखते ही तीनों बदमाश अपनी बाइक मौके पर ही छोड़कर पैदल भाग खड़े हुए.
थाने में लिखित शिकायत, तलाश तेज
घटना के बाद पीड़ित मनीष कुमार पांडेय ने पुलिस को पूरी बात बताई. पुलिस ने घटनास्थल से बदमाशों की छोड़ी गई बाइक को जब्त कर लिया है और उसे थाने ले गई है. अब पुलिस जब्त बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के आधार पर असली मालिक और फरार आरोपियों की पहचान करने में जुट गई है. पीड़ित मनीष ने संबंधित थाने में मामले की लिखित शिकायत (आवेदन) देने की बात कही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.