Tejashwi Yadav : गया जी जिले के टिकारी प्रखंड के राम बिगहा महादलित टोला में आयोजित भुइयां-मुसहर संघ सम्मेलन को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति-जनजाति और विशेष रूप से मुसहर-भुइयां समाज की सामाजिक, शिक्षा और आर्थिक स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा.
एनडीए सरकार पर तेजस्वी यादव का हमला
तेजस्वी यादव ने कहा कि मनुस्मृति को मानने वाले आरएसएस नेतृत्व वाली एनडीए-भाजपा सरकार अनुसूचित जाति-जनजाति की उन्नति, प्रगति और समृद्धि नहीं देखना चाहती.
उन्होंने कहा कि बिहार में अनुसूचित जाति की आबादी 21 प्रतिशत से अधिक होने के बावजूद पूरे राज्य में इस जाती के केवल 0.1 प्रतिशत इंजीनियर और 0.015 प्रतिशत डॉक्टर हैं. उन्होंने दावा किया कि सरकारी नौकरी में दलितों की भागीदारी केवल 1.13 प्रतिशत है.
जातीय सर्वे के आंकड़ों का दिया हवाला
उन्होंने बिहार के सामाजिक-आर्थिक जातीय सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि मुसहर-मांझी समाज की आबादी करीब 40 लाख 35 हजार है. इसके बावजूद पूरे बिहार में इस समाज के केवल 20 डॉक्टर और 76 इंजीनियर हैं.
वहीं डोम जाति की आबादी करीब 2 लाख 60 हजार होने के बावजूद इस समाज में 19 डॉक्टर और 63 इंजीनियर हैं.
लालू यादव के शासनकाल में दलितों को मिला सम्मान
तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में राजद शासनकाल में वंचित, दलित, पिछड़े और अतिपिछड़े वर्गों को समाज में सम्मान, स्वाभिमान और न्याय के साथ मुख्यधारा में शामिल किया गया. उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि इन वर्गों में सामाजिक और राजनीतिक चेतना विकसित हुई है.
मुसहर-भुइयां समाज के उत्थान के लिए संघर्ष का संकल्प
उन्होंने कहा कि राजद मुसहर-भुइयां समाज के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक उत्थान के लिए लगातार संघर्ष करता रहा है. उन्होंने दावा किया कि मुसहर-भुइयां समाज को सबसे अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व राजद ने ही दिया है.
