गया जी में 64वीं कवि गोष्ठी आयोजित, कवियों ने कविता पाठ से बांधा समां

गया जी के सिद्ध काव्य वाटिका में 64वीं कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया, जहाँ साहित्यकारों ने अपनी विविध काव्यात्मक प्रस्तुतियाँ दीं. अध्यक्ष अरुणोदय मिश्र की अध्यक्षता में कवियों ने सामाजिक मुद्दों और साहित्यिक महत्ता पर प्रकाश डाला.

गया जी के बड़की डेल्हा स्थित सिद्ध काव्य वाटिका में 64वीं कवि गोष्ठी का आयोजन अध्यक्ष अरुणोदय मिश्र की अध्यक्षता में हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ श्यामसुन्दर मिश्र ने अपनी कविता आज खुश हुई वर्षा रानी के पाठ से किया. युवा कवि पीयूष पाठक ने इन्द्रजीत का आचरण का काव्य-पाठ किया. मदन पाठक ने कान्हा की मुरली चोरी विषयक रचना प्रस्तुत किया.

चंदन कुमार ने कवि गोष्ठी का उत्सव कविता के माध्यम से साहित्यिक गोष्ठियों की महत्ता पर प्रकाश डाला. अमीत रंजन ने संघर्ष की पगडंडी के माध्यम से युवाओं के संघर्ष और पीड़ा का चित्रण किया. रणजीत कुमार ने राम को भी नहीं छोड़ा रचना के माध्यम से राम मंदिर चोरी की घटना पर प्रहार किया. अजय कुमार शास्त्री ने दहेज दानव कविता की प्रस्तुति की. कार्यक्रम का संचालन अभयानन्द मिश्र ने किया.

अध्यक्ष अरुणोदय मिश्र ने संसार के हर शय का इतना ही फ़साना है रचना प्रस्तुत की. इनके अलावा कई अन्य कवियों ने भी अपनी कविताओं का पाठ किया. कार्यक्रम का समापन अभिजीत शर्मा ने अपनी रचना से की.

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By Niraj kumar

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